हसनपुर(अमरोहा)। करीब सात हजार सरकारी किताब एवं वर्क बुक रद्दी में बेचने के प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी आयशा बी की तहरीर पर कबाड़ी के ससुर फारुख और किताबों के सप्लायर बालाजी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजू के खिलाफ सैदनगली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।मंगलवार को सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव कनेटा में कबाड़ी के ससुर फारुख के घर से डीसीएम में सरकारी किताबों को भरा जा रहा था। इस दौरान ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने विभागीय अधिकारियों को प्रकरण की जानकारी दी थी। पुलिस ने किताबों को कब्जे में कर थाना ले जाया गया था। देर रात बीएसए गीता वर्मा, नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार यादव, खंड शिक्षा अधिकारी आयशा बी समेत विभाग के अन्य अधिकारी सैदनगली थाने पहुंच गए थे।
सीओ अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी आएशा बी की तहरीर पर कबाड़ी के ससुर फारुख निवासी गांव कनेटा थाना सैदनगली और बालाजी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
अपने आपको बचाने के लिए नए तरीके ढूंढ रहे अधिकारी
हसनपुर। किताबें रद्दी में बेचे जाने के मामले में अधिकारी अपने आपको बचाने के लिए नए-नए तरीके तलाश कर रहे हैं। दिनभर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय चंदनपुर और करनपुर माफी पर अधिकारी और कर्मचारी पाठ्य पुस्तकों के वितरण से जुड़ा लेखा जोखा दुरूस्त करने में जुटे रहे। उधर, खंड शिक्षा अधिकारी गंगेश्वरी द्वारा अपने बचाव करने के लिए विद्यालयों से निशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं कार्य-पुस्तिकाओं के शत-प्रतिशत वितरण करने का प्रमाण पत्र लिया जा रहा है। कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमसे संकुल शिक्षकों के माध्यम से उक्त प्रमाणपत्र लिखित रूप में आज ही जमा करने के लिए निर्देशित किया गया था, जिसके चलते अध्यापकों द्वारा मजबूरीवश आननफानन प्रमाणपत्र भरकर दिए जा रहे हैं।
कबाड़ी का नाम मुकदमे से गायब, बना चर्चा का विषय
हसनपुर। रद्दी में बेची गईं सरकारी किताबों के मामले में मंगलवार की देर रात घंटों हुई माथापच्ची के बाद मामले में खंड शिक्षा अधिकारी गंगेश्वरी द्वारा तहरीर दी गई। इस तहरीर में कबाड़ी के ससुर फारूख और किताबों के सप्लायर राजू का नाम तो लिखा है। लेकिन कबाड़ी का नाम तहरीर में नहीं लिखा गया। जबकि यह बात बिलकुल साफ हो चुकी है कि कबाड़ी द्वारा ही किताबों को छुपाने के लिए अपनी रिश्तेदारी में रखवाया था। यह बात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मंडलायुक्त ने जिले की बेसिक शिक्षा को संवारने के लिए ले रखा है गोद
हसनपुर। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने शासन के निर्देश पर अमरोहा की जिले में बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए जिले के सभी स्कूलों को गोद ले रखा है। अभी हाल ही में मंडलायुक्त ने अच्छी पहल करते हुए मुरादाबाद मंडल के सभी जनपदों में कक्षा एक से पांच तक के सभी विद्यालयों में बच्चों की दक्षता जानने के लिए बौद्धिक प्रतियोगिता का आयोजन कराया था। जिसमें विद्यालय के संबंधित अध्यापकों व सहायक अध्यापकों को एक दूसरे के विद्यालयों में प्रतियोगिता निष्पक्ष कराने के लिए भेजा गया था। लेकिन बच्चों के भविष्य को रद्दी में बेचे जाने की पोल खुलने के बाद मंडलायुक्त की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। जिससे जिले की बेसिक शिक्षा व्यवस्था की बड़ी किरकिरी हो रही है। संवाद