जोया में ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में गॉड ब्लेस हॉस्पिटल के डॉक्टर व अन्य स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव सलेमपुर मझरा (आंबेडकर नगर) में किसान विजयपाल सिंह का परिवार होता है। उनकी पत्नी शिवानी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे 14 अक्तूबर कि रात करीब नौ बजे जोया में संभल रोड स्थित गॉड ब्लेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आरोप है कि 18 अक्तूबर को डॉक्टरों ने शिवानी का ऑपरेशन किया था। जिसके दो दिन बाद ही नवजात की मौत हो गई। जबकि हॉस्पिटल के डॉक्टर ने मेरठ में भाग्यश्री हॉस्पिटल को अपना बताकर शिवानी को वहां के लिए रेफर कर दिया लेकिन अगले ही दिन 23 अक्तूबर को भाग्यश्री अस्पताल के डॉक्टरों ने शिवानी को गॉड ब्लेस हॉस्पिटल के लिए भेज दिया। रास्ते में शिवानी की मौत हो गई। परिजनों ने गॉड ब्लेस हॉस्पिटल के डॉक्टर व स्टाफ पर जानबूझकर गलत ऑपरेशन कर शिवानी और उसकी नवजात बेटी की हत्या करने आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि गलत ऑपरेशन करने की वजह से जच्चा और बच्चा की दोनों की मौत हुई है। पीड़ित किसान विजयपाल सिंह की तहरीर पुलिस ने गॉड ब्लेस हॉस्पिटल के डॉक्टर अराफात और अन्य स्टॉप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नौ माह पहले हुई थी शिवानी की शादी
शिवानी का मायका असमोली थाना क्षेत्र के गांव खाससपुर का है। 23 जनवरी को शिवानी की शादी विजयपाल के साथ हुई थी। परिजनों ने कहना है कि शिवानी की डिलीवरी नॉर्मल हो सकती थी लेकिन डॉक्टर ने मनमानी तरीके से बड़ा ऑपरेशन किया और बड़ी लापरवाही बरती। जिस कारण शिवानी और उसकी बेटी की मौत हो गई।
मेरा हास्पिटल रजिस्टर्ड है। हमारे यहां पर ऑपरेशन किया गया था। बुखार होने के कारण मरीज को मेरठ रेफर कर दिया गया था। मेरठ में पांच दिन से इलाज चल रहा था। परिजनों ने अपनी इच्छा से छुट्टी करा ली। उसके बाद मरीज की मौत हुई है। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। डॉ. अराफात, संचालक, गॉड ब्लेस हॉस्पिटल