जनपद में डेंगू और मलेरिया की जांच के लिए गांव-गांव कैंप लगाए जा रहे हैं। अब तक 6589 मरीजों की मलेरिया की जांच की जा चुकी है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. चरन सिंह यादव ने बताया कि अब तक जनपद में डेंगू के 16 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें 7 मरीज उपचार के बाद ठीक हो गए हैं। वर्तमान में केवल 9 मरीजों का जिला अस्पतालों में उपचार चल रहा है। अब तक जनपद में 6589 मरीजों की मलेरिया की जांच की जा चुकी है। जिसमें से 5 मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं, जिसमें 4 मरीज उपचार के बाद ठीक हो गए हैं। वर्तमान में केवल 1 मरीज का घर पर ही उपचार चल रहा है। जिन स्थानों पर डेंगू के मरीज मिले हैं, उस गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर सभी की डेंगू व मलेरिया की जांच की गई है। डेंगू के मरीजों के घर व आसपास के घरों में दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लगातार घर-घर सर्वे कर रही हैं कि किसी व्यक्ति को बुखार तो नहीं है। बीमारी से बचाव के लिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में बच्चों को कपड़े पूरी आस्तीन के पहनाने चाहिए। जिससे शरीर का पूरा हिस्सा ढका रहे। साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और अन्य वैकल्पिक उपाय करने चाहिए। बुखार होने पर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तुरंत इसकी जांच कराएं। अगर जांच में मलेरिया या डेंगू पाया जाता है तब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में अपना इलाज कराएं। बुखार में पेरासिटामोल ले सकते हैं लेकिन एस्प्रीन व ब्रोफैन का इस्तेमाल अपने न करें।