गजरौला। प्रदीप मित्तल सूर्य इलेक्ट्रोनिक्स के नाम से इलेक्ट्रोनिक्स का कारोबार करते हैं। उनकी गजरौला ही नहीं बल्कि पूरे जिले में अच्छी पहचान है। बेहद मिलनसार होने के कारण उनका सभी समाज में बड़ा सम्मान है। बुधवार की शाम जिसने भी सुना वह दंग रह गया। सबसे पहले तो एक दूसरे से फोन कर यह जानकारी करते कि क्या हो गया। इसके बाद घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े। शव को पुलिस ने बरामद कर मोर्चरी पहुंचाया तो व्यापारी वर्ग और नागरिक थाने में जमा हो गए।
इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे के हत्यारोपी तिगरिया भूड़ निवासी रचित के साथ ही गजरौला के आसपास के हैं। उनको गजरौला क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी थी। यह भी पता था कि कहां पर शव को लाकर आसानी से छिपाया जा सकता है। ताकि उनको कोई न देखे और जिससे वह सहज में पकड़े न सकें। उन्होंने गेहूं के खेतों के बीच चकरोड़ किनारे खेत में गड्ढा खोद कर शव को छिपा दिया। हत्यारोपी स्थानीय होने के कारण उन्होंने शव को लाकर छिपाया।
यश मित्तल की हत्या कब हुई। इसे लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। हालांकि, चाैंकाने वाली बात यह है कि आरोपी यश के नंबर से उसके पिता को फिरौती के लिए बुधवार दोपहर एक बजे तक मैसेज करते रहे। यह बात प्रदीप मित्तल ने घटना के बाद पुलिस को बताई। पुलिस ने आरोपी रचित की निशानदेही पर मोबाइल भी बरामद किया। यश के मोबाइल से मिलने नंबरों को लेकर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
यश मित्तल की दोस्तों द्वारा हत्या किए जाने की खबर सुनते ही उसके पिता प्रदीप मित्तल व मृतक की बड़ी बहन इशिका मित्तल बदहवास हो गए। बहन अपने पिता के साथ सिसकते सिसकते हुए खेतों के बीच पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही शव को गड्ढे से बाहर निकाला, पिता-पुत्री बिलख पड़े। वह लड़खड़ाते कदमों से पिता का हाथ पकड़े हुए आगे बढ़ रही थी। जैसे ही पुलिस ने शव को बाहर निकाला, घटना स्थल से कुछ दूर पिता-पुत्री बदहवास हो गए। पुलिसकर्मियों और लोगाें ने उनको संभाला।
पुलिस ने गड्ढे से जब यश मित्तल के शव को निकाला तो सब चौंक गए। वह टी शर्ट व अंडरवियर पहने हुए था। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर उसकी पैंट क्यों गायब थी। हालांकि, इस बिंदु पर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।