रहरा(अमरोहा)। खादर के नानई गांव क्षेत्र में गंगा पार करते समय नाव तेज बहाव के बीच पलट गई। नाव में सवार गांव नानई निवासी शमसुद्दीन व उनकी पत्नी फूलजहां डूब गए। दोनों गंगा पार खेत पर पालेज पर काम करने जा रहे थे। हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों के साथ उनकी तलाश कराया, लेकिन सुराग नहीं मिला। सीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली है।
गांव नानई निवासी शमसुद्दीन (35) ने गांव के सामने गंगा पार गेहूं की फसल एवं तरबूज की फसल की बुवाई कर रखी है। रोजाना वह नाव से गंगा पार कर फसलों की देखभाल करने जाते हैं। बुधवार दोपहर तीन बजे वह अपनी पत्नी फूलजहां के साथ नाव में बैठकर गंगा पार करने के लिए निकले। नाव में गोबर की खाद भी था। बताया जाता है कि जैसे ही वह बीच गंगा में पहुंचे तभी तेज बहाव के साथ नाव पलट गई। जिसके साथ ही दोनों गहरे पानी में डूब गए। वहीं, नाव भी पानी में समा गई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने शोर मचाया, लेकिन गंगा के तेज बहाव में कोई उतर नहीं सका। घटना की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही सीओ दीप कुमार पंत पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों को उनकी तलाश के लिए लगाया। देर शाम तक दंपती को कोई सुराग नहीं लग सका था। सीओ ने बताया कि गंगा नदी में नाव डूबने से दंपती लापता हो गए हैं। गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एसडीआरएफ की टीम को सूचना भेज दी गई है। टीम बृहस्पतिवार सुबह तक पहुंच जाएगी।
-
खादर की जमीन में खेती ही है सहारा
रहरा। शमसुद्दीन मजदूरी करता है। वहीं, खादर की जमीन ही कमाई का एकमात्र सहारा है। जहां पर वह गेहूं व अन्य फसलों को उगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। वह हर रोज नाव से गंगा पार जाता है। ग्रामीणों के अनुसार शमसुद्दीन ने अपनी नाव बना रखी है। जिसके सहारे वह गंगा पारकर खेती करने जाता है। हादसे से परिवार सहमा हुआ है। वहीं, दोनों के सकुशल बरामद होने की दुआ कर रहा है।