मंडी धनौरा। गन्ना मूल्य भुगतान व गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने की मांग के लिए भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। करीब पौन घंटे तक कार्यकर्ता सड़क पर बैठे रहे। बाद में किसानों के बीच आए जिला गन्ना अधिकारी व एसडीएम न्यायिक के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया। किसानों ने चीनी मिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भारतीय किसान यूनियन असली ने गन्ना मूल्य भुगतान व गन्ने का रेट बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को रोड जाम की चेतावनी दी थी। शुक्रवार की दोपहर एक बजे ब्लॉक कार्यालय में कार्यकर्ताओं की पंचायत हुई। मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने वेव इंडस्ट्रीज के प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद की अन्य चीनी मिलों ने नवंबर की खरीद का भुगतान कर दिया है लेकिन वेव इंडस्ट्रीज ने मात्र 11 नवंबर तक की खरीद का ही भुगतान किया है। दोपहर दो बजे तक किसानों के बीच किसी भी सक्षम अधिकारी के नहीं आने पर आक्रोशित किसानों ने ब्लाॅक कार्यालय के बाहर जाम लगा दिया। यहां डूंगर सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक सक्षम अधिकारी किसानों के बीच आकर ठोस आश्वासन नहीं देंगे तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। करीब पौने तीन बजे जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार व एसडीएम न्यायिक चंद्रकांता जाम स्थल पर पहुचे। दोनों अधिकारियों ने किसान नेताओं से लोगों की परेशानी का हवाला देते हुए जाम खोलने की अपील की। जिला गन्ना अधिकारी ने किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि 22 दिसंबर तक नवंबर माह में की गई गन्ना खरीद का भुगतान करा दिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोल दिया और एसडीएम ऑफिस में वार्ता की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि वार्ता के अनुसार भुगतान नहीं किया गया तो बगैर सूचना के फिर से रोड जाम कर दी जाएगी। इस मौके पर नरेश कुमार, देशराज सिंह, कपिल प्रधान, काविंद्र सिंह, भूरे सिंह, खचेड़ू सिंह, शब्बन खा आदि मौजूद थे।
भाकियू असली द्वारा लगाए गए जाम की वजह से गजरौला व चांदपुर दिशा से आने वाले वाहनों की लाइन लग गई। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। जाम में स्कूली वाहनों के फंसे होने की जानकारी मिलने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने उनको जाम से निकाला। भाकियू नेता डूंगर सिंह ने जाम लगाने से पहले ही कार्यकर्ताओं को हिदायत दी थी कि स्कूली वाहन, एंबुलेंस व अंतिम यात्रा वाहन को न रोका जाए। जाम लगाने व स्कूल की छुट्टी का समय करीब एक होने की वजह से दर्जनों स्कूली वाहन जाम में फंस गए। सभी को कार्यकर्ताओं ने जाम से निकाल दिया। ट रहे हैं।