गजरौला। भाजपा के पर्यवेक्षकों ने लोकसभा चुनाव की समीक्षा बैठक ली। पार्टी के एक-एक पदाधिकारी व कार्यकर्ता से यह जानकारी हासिल की कि लाेकसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को कहां पर कम वोट मिले। भितरघात कहां पर हुआ। केंद्र सरकार की नीतियों से आकर्षित होकर लोगों ने वोट दिए या नहीं।
लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष शिवानंद राय व सहारनपुर के विधायक राजीव गुंबर भाजपा के लोक सभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। बुधवार को दोनों पर्यवेक्षकों ने ब्लॉक सभागार में बैठक ली। इस दौरान सभी से अलग-अलग जानकारी ली कि गठबंधन और बसपा ने मुस्लिम समुदाय के प्रत्याशी मैदान में उतारे। उनके वोट बंटवारे की संभावना को देखते हुए पार्टी प्रत्याशी की एक से सवा लाख मतों से जीत के दावे किए जा रहे थे। गठबंधन प्रत्याशी शाम तक आगे चलते रहे।
नौगावां सादात विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी चौधरी कंवर सिंह तंवर को कम से कम 35 हजार मतों से बढ़त बनानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बहुत कम वोट ही भाजपा प्रत्याशी को अधिक मिले। साफ जाहिर है कि भितरघात किया गया। मगर क्यों किया गया। किसने किया। क्या लोगों में पार्टी प्रत्याशी के प्रति नाराजगी थी या पार्टी के कुछ जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों ने चुनाव मन से नहीं लड़ाया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष उदय गिरि गोस्वामी, हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह, अभिनव कौशिक, मयंक अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, ब्रजेश चौधरी आदि मौजूद रहे।