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भाजपा नेता की हत्या: कड़ी सुरक्षा बीच ब्रजघाट पर हुआ अनुज का अंतिम संस्कार, गांव में शव पहुंचते ही लगी भीड़

Fri, 11 Aug 2023 08:52 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

मुरादाबाद में भाजपा नेता अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका अंतिम संस्कार ब्रजघाट कर दिया गया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।  
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भाजपा नेता अनुज चौधरी का शव घर पहुंचते ही बिलखते रहे परिजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुरादाबाद में हुई भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या के बाद उनका शव शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच गांव बुखारीपुर पहुंचा। यहां अंतिम संस्कार के लिए ब्रजघाट ले जाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। शव गांव में आते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई। उनके फुफेरे भाई विक्की ने मुखाग्नि दी। भाजपा नेता अनुज चौधरी की बृहस्पतिवार शाम मुरादाबाद में तीन बाइक सवारों ने हत्या कर दी थी।

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एसएसपी और डीआईजी भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई है। भाजपा नेता अनुज चौधरी के शव का रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया था। शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव बुखारीपुर में उनके आवास पर लाया गया।

यहां मझौला थाना पुलिस शव के साथ पहुंची। गांव में सीओ श्वेताभ भास्कर पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पहले शव का अंतिम संस्कार गांव में ही किए जाने की तैयारी थी, लेकिन बाद में ब्रजघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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आठ साल पहले गांव छोड़ बुखारीपुर में बस गया था परिवार

अनुज चौधरी व उनका परिवार मूल रूप से संभल जिले के एचौड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के गांव अलिया नेकपुर के निवासी था। कुछ परिस्थितियों की वजह से परिवार हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव बुखारीपुर गांव में वर्ष 2016 में आकर बस गया था। यहां पर अनुज के पिता प्रीतम सिंह ने मकान बनाया था तथा कृषि के लिए भूमि खरीदी थी। बुखारीपुर के इस मकान में अनुज चौधरी के परिजन रहते हैं तथा अनुज भी यहां आते रहते थे।  

तीन बहनों के अकेले भाई थे अनुज चौधरी

भाजपा नेता अनुज चौधरी तीन बहनों के अकेले भाई थे। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। अनुज चौधरी अपने परिवार की और पिता की बुढ़ापे की इकलौती लाठी थे, जो बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया। इकलौते भाई की मौत से तीन बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 पुलिस सुरक्षा की बीच शव को गांव लाया गया। इसके बाद यहां से ब्रजघाट में ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया है।--श्वेताभ भास्कर, सीओ हसनपुर।
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