भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने शुक्रवार को हजारों की संख्या में एकत्र होकर तिरंगा यात्रा निकाली। तय कार्यक्रम के अनुसार किसान प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह के नेतृत्व में गांव कूबी में इक्टठा हुए। यहां से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्राॅलियों, कारों, बाइकों एवं अन्य वाहनों पर तिरंगा लगाकर यात्रा लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों को लेकर खूब गरजे। सभा के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है।
बकाया भुगतान को लेकर कई बार किसान अपनी मांग रख चुके हैं, लेकिन किसानों को उनकी मेहनत की कमाई का पैसा भी नहीं मिल पा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी भी किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह एवं संचालन डॉ. चंद्रपाल सिंह ने किया। जहां जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी को मांगों को को लेकर ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर चौधरी दानवीर सिंह, चौधरी सुरेंद्र सिंह, चौधरी रामपाल सिंह, चौधरी जयकिरत सिंह, महावीर सिंह, अभिराज सिंह, बॉबी चाहल, नरेंद्र सिंह, अवतार सिंह, राजवीर सिंह, सुभाष चीमा, जगवीर सिंह चौहान, राजेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
ये रहीं भाकियू की मांगे
तिरंगा यात्रा के दौरान डीएम को दिए ज्ञापन में किसानों ने गांव कूबी में किसानों को भूमि अधिग्रहण के संबंध में चार गुना मुआवजा दिए जाने, बिजली के संबंध में समस्याओं को निस्तारण किए जाने, डीसीओ द्वारा गन्ना घोषणा पत्र भरे जाने एवं बकाया गन्ना भुगतान शीघ्र किए जाने, जिले में चकबंदी के संबंध में किसानों की समस्याओं को समाधान करने एवं संभल जनपद की नेकपुर न्याय पंचायत को अमरोहा जनपद में शामिल किए जाने की मांग रखी।
अलर्ट रही पुलिस
भाकियू की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा के दौरान पुलिस सुबह से ही अलर्ट मोड पर रही। यात्रा के दौरान कूबी से अमरोहा तक जगह जगह पर पुलिस की ड्यूटी रही। तिरंगा यात्रा के दौरान पुलिस भी साथ में चली। किसानों की सभी गाड़ियों पर तिरंगा लहरा रहा था। अमरोहा में तिरंगा यात्रा के पहुंचने के दौरान थोड़े समय के लिए अन्य वाहनों को रोक दिया गया।
यहां से होकर गुजरी तिरंगा यात्रा
गांव कूबी से शुरू होकर किसानों की तिरंगा यात्रा पपसरा, खालकपुर खुर्द, कलाली, लक्ष्मण वाली मंडैया, आरटीओ कार्यालय, बिजनौर रोड, टीपी नगर चौराहा, बंबूगढ़ चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट पहुंच कर संपन्न हुई।