अमरोहा। जिले भर में सड़कों को दुरुस्त करने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। अगले माह आठ मार्च को महाशिवरात्रि है और कई दिन पहले से कांवड़ियों के जत्थे जिले से गुजरने शुरू हो जाएंगे। लेकिन, उन्हें टूटी फूटी सड़कों से ही गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। बदहाल सड़कें भोले के भक्तों की परीक्षा लेंगी। अफसोस की बात है कि अभी उनकी राह आसान करने के लिए कोई पहल नहीं हो सकी है। सड़कों में बने गहरे गड्ढे, उखड़ी पड़ीं बजरी शिवभक्तों की राह में रुकावटें पैदा कर सकती हैं। जिले में नौगांवा मार्ग, बिजनौर, पतेई खादर, धनौरा में फीना, रजबपुर और गजरौला क्षेत्र में ऐसी कई सड़कें बदहाल हैं, जिनसे कांवड़िये होकर गुजरते हैं।
-
अमरोहा पहुंचने के लिए झेलनी होगी परेशानी
अमरोहा। आठ मार्च को महाशिवरात्रि है। इससे एक सप्ताह पहले से ही अमरोहा से भारी संख्या में कांवड़िये गुजरने शुरू हो जाते हैं। यहां से हरिद्वार से होते हुए मुरादाबाद, बरेली, चंदौसी, संभल आदि के शहरों के लिए कांवड़िसे गुजरते हैं, लेकिन बिजनौर से नौगांवा और अमरोहा मार्ग बुरी तरह बदहाल है। कदम-कदम पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिससे कांवड़ियाें को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। विशेषकर रात्रि में उनकी राह और भी कठिन हो जाएगी। यात्रा शुरू होने में अब मात्र दस दिन का ही समय बचा है, लेकिन अभी तक इसके लिए कोई पहल नहीं हो सकी है।
ऊबड़ खाबड़ मार्ग से गुजरेंगे छह जिलों के कांवड़िये
गजरौला। हरिद्वार से कांवड़ में गंगा जल लाने वाले एटा, मथुरा, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर के हजारों कांवड़िये धनौरा से गुजरते हुए पक्के पुल पर पहुंचते हैं। यहां कुमराला चौकी के पीछे से बसैली जाने वाले मार्ग पर रेलवे लाइन को पार कर शहवाजपुर डोर से हाईवे पर चढ़ते हैं। दस दिन पहले से महाशिवरात्रि तक प्रति दिन हजारों कांवड़िये हर हर बम के उदघोष संग गंतव्य को रवाना होते हैं। कुमराला चौकी के पीछे से बसैली मार्ग कांवड़ियों का सबसे प्रमुख रूट है, लेकिन सड़क टूटी हुई है। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अमरोहा को जोड़ने वाला लिंक मार्ग हुआ जर्जर
डिडौली। डिडौली से अमरोहा मात्र 9 किलोमीटर है। इस मार्ग से डिडौली और पूरनपुर के ग्रामीण यहां से गुजरते हैं। दूरी कम होने के चलते कांवड़िए भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। अब यह मार्ग बुरी तरह टूट चुका है। मौजूदा समय में यह मार्ग ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है। वहीं, कांवड़ियों के लिए भी यह मार्ग उनकी राह कठिन कर सकता है।
संभल को जोड़ने वाला मार्ग हुआ बदहाल
रजबपुर। अतरासी-अमरोहा मार्ग से छह किलोमीटर का लिंक मार्ग जुड़ा हुआ है। जो संभल जिले को जोड़ता है। इसी मार्ग से हर वर्ष बड़ी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं, लेकिन वर्तमान में इस मार्ग की हालत बहुत की खराब हो चुकी है। इस मार्ग पर कई गांव भी हैं। जगह-जगह उखड़े और गड्ढों से भरे इस मार्ग से कांवड़ियों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। जबकि, पिछले दिनों ग्रामीणों ने मार्ग को बनाए जाने की मांग की थी। उसके बाद भी अभी तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं हो सकी है।
धनौरा-फीना मार्ग में बन गए बड़े-बड़े गड्ढे
मंडी धनौरा। कांवड़ियों के जत्थे फीना से धनौरा को जोड़ने वाले मार्ग से भी गुजरते हैं। यह मार्ग धनौरा, फीना होते हुए नूरपुर को जोड़ता है। वर्तमान में इस मार्ग की हालत बहुत ही खराब हो चुकी है। इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। यह गड्ढे कांवड़ियों की राह मुश्किल कर सकते हैं। जबकि, काफी समय से इस मार्ग की मरम्मत की मांग हो रही है।
महाशिवरात्रि को देखते हुए फिलहाल कांवड़ मार्गों की मरम्मत कराने के लिए कोई बजट नहीं आया है। देखा जाएगा कि विभागीय स्तर से क्या हो सकता है। हालांकि, प्रयास रहेगा कि जहां जहां मार्गों की स्थिति बेहद खराब है, उसे सही कराया जाएगा। गड्ढे भी भरवा दिए जाएंगे।
-मनोज कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
-