अमरोहा। प्लाॅटिंग में अवैध खनन कर मिट्टी डालने की सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों पर डंपर चढ़ाने की कोशिश की गई। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने सड़क से खेत में कूदकर जान बचाई। आरोपी डंपर चालक-परिचालक मौके से भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने मामले में अवैध खनन करने वाले ठेकेदार, डंपर चालक-परिचालक और प्लाटिंग करने वाले लोगों पर भी एफआईआर दर्ज की है।
दो मई को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें कुछ लोग डंपर से प्लाॅटिंग में मिट्टी डाल रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद देहात थाना के बंबूगढ़ चौकी प्रभारी अतवीर सिंह चौहान जांच कर रहे थे। जांच में सामने आया कि जिस जमीन में प्लाटिंग के लिए मिट्टी डाली जा रही थी, वह जमीन अमरोहा नगर के मोहल्ला शाही चबूतरा के रहने वाले मोहम्मद शकील के नाम पर दर्ज है। इस जमीन का सौदा 40 लाख रुपये बीघा के हिसाब से लक्ष्मण वाली मढैया के रहने वाले संजय सैनी तय हुआ था, लेकिन बैनामा नहीं कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस खेत में मिट्टी और प्लाटिंग संजय सैनी और उसके साथी नरेश सैनी व प्रवीन अग्रवाल और ठेकेदार कमल सिंह के द्वारा की गई है। बड़े पैमाने पर अवैध खनन करके 60 से 70 डंपर मिट्टी डाली गई। ये मिट्टी डिडौली कोतवाली क्षेत्र के नगलिया में रहने वाले भरतराम के खेत से अवैध रूप से लाई गई थी।
चार मई की रात करीब 11:45 बजे दरोगा अतवीर सिंह चौहान, सिपाही रूपेंद्र कुमार व धर्मपाल सिंह के साथ बंबूगढ़ चौराहे से कैलसा बाइपास रोड स्थित पंडकी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी मोहम्मद शकील के खेत में दो डंपर मिट्टी गिरते हुए दिखाई दिए। जैसे ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो एक चालक डंपर निकालकर वहां से भाग निकला। जबकि, पुलिसकर्मियों ने दूसरे को रोकने का प्रयास किया तो परिचालक के कहने पर चालक ने डंपर चढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। पुलिस कर्मियों ने सड़क से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई।
आरोपी चालक मौके का फायदा उठाकर डंपर लेकर धनौरी गांव की तरफ भाग निकला। अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि मामले में बंबूगढ़ चौकी इंचार्ज सतवीर सिंह चौहान की तहरीर पर लक्ष्मण वाली मढैया के रहने वाले संजय सैनी, सिरसागढ़ के रहने वाले नरेश सैनी, प्रवीन अग्रवाल, मोहल्ला पुष्कर नगर के रहने वाले कमल सिंह ठेकेदार और डंपर के अज्ञात चालक-परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 269, 307, 411, 431, 504, 120 (बी) सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और खान अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।