रजबपुर। कूटरचित साक्ष्यों के आधार पर झूठा मुकदमा दर्ज करने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुए मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सैदनगली में मोहम्मद शफीक एडवोकेट का परिवार रहता है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी बैनामा कराकर मकान पर कब्जा कर लिया था। इस मामले में राजीव, अलका व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है। इस मामले में अधिवक्ता मोहम्मद शफीक गवाह और शिमला देवी का विधिक सलाहकार भी है। आरोप है कि अलका की हाईकोर्ट में जमानत के लिए तीन जुलाई की तिथि नियत थी। जिसकी पैरवी करने पर आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन जुलाई को शफीक पर जानलेवा हमला किया। इस मामले में भी राजीव अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
इसकी विवेचना चल रही है, लेकिन राजीव ने अपनी पत्नी से झूठे प्रार्थनापत्र के आधार पर घर में घुसकर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप झूठे पाए गए और पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी। आरोप है कि राजीव आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, उसके खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय से गुंडा एक्ट के लिए जिला बदर की कार्रवाई चल रही है लेकिन राजीव अपनी गुंडई के बल पर अपनी पत्नी से मुकदमे में गवाही और पैरवी नहीं करने के लिए लगातार धमकी दिलवा रहा है। 10 जुलाई की शाम कचहरी से घर जाते समय हमला करने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं आरोपियों ने अधिवक्ता मोहम्मद शफीक के खिलाफ झूठा प्रार्थनापत्र पपसरा चौकी में दे दिया।
पीड़ित अधिवक्ता ने ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की और बाद में जान को खतरा बताते हुए न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर संभल के मनोटा गांव निवासी धर्मेंद्र, नीतू, सैदनगली निवासी राजीव, अलका और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी व षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।