सबमर्सिबल पंप मिस्त्री की हत्या के 72 घंटे बाद भी आरोपी आरपीएफ कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपियों के निलंबन के बाद चौकी पर नई तैनाती भी नहीं हो सकी है। चौकी पर तैनात दरोगा को प्रभार दिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
अमरोहा रेलवे स्टेशन से सटे मोहल्ला डाक बंगला पीरगढ़ प्रेम नगर निवासी सबमर्सिबल पंप मिस्त्री विनीत को आरपीएफ चौकी पुलिस ने शनिवार की दोपहर साढ़े तीन बजे हिरासत में लिया था। इसके बाद रविवार की सुबह करीब छह बजे उसका शव रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा मिला था। उसके शरीर पर चोट और नील के निशान थे। इससे मृत युवक के परिजनों का गुस्सा भड़क गया था। उन्होंने आरपीएफ कर्मियों पर बैरक में पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। इस मामले में अमरोहा कोतवाली में आरपीएफ के चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल दिवाकर, संजू, उस्मान, देवेंद्र ठाकुर और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या करने व साक्ष्य छिपाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
साथ ही वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने पांचों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। मुकदमा लिखे जाने की भनक लगते ही आरोपी आरपीएफ कर्मी फरार हो गए थे। हैरत की बात ये है कि घटना के 72 घंटे बाद भी पुलिस आरोपी आरपीएफ कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। इतना ही नहीं आरोपी उनकी जगह आरपीएफ चौकी पर नई तैनाती नहीं हो सकी है। गजरौला आरपीएफ इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने बताया कि चौकी पर नई तैनाती नहीं हुई है। फिलहाल दरोगा को अंकुर त्यागी को चौकी का प्रभार दिया गया है।