जरौला । हैदराबाद की कंपनी को 250 करोड़ रुपये के लोन का झांसा देकर छह करोड़ रुपये ठगने के आरोपी और गजरौला थाने में नामजद जालसाज अनूप चौधरी व विकास नाथ त्रिपाठी के न्यायालय में बी वारंट दाखिल हो गए हैं। अब उन्हें अमरोहा की अदालत में पेश करने के लिए लाया जाएगा।
प्रदेश की एसटीएफ ने बीते बुधवार को अयोध्या के नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव पिलखुआ निवासी अनूप चौधरी को गिरफ्तार किया था। उसने हैदराबाद की कंपनी को 250 करोड़ रुपये का लोन कराने का झांसा देकर छह करोड़ रुपये ठगे थे। गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि जालसाज अनूप चौधरी गजरौला में चिटफंड कंपनी चलाता था। जिसका कार्यालय खाद गुर्जर रोड पर था। अनूप चौधरी कंपनी का चेयरमैन था।
लखनऊ निवासी ज्ञानेंद्र पाठक, अर्चना पाठक, प्रबल कौशिक, आशुतोष चतुर्वेदी, विकास नाथ त्रिपाठी, सुरेश, शिवाकांत त्रिपाठी, दिल्ली निवासी मनीष कौशल व अमरोहा के आशीष सिंह के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया था। रिपोर्ट कंपनी के अभिकर्ताओं ने दर्ज कराई थी। कंपनी के अधिकारियों ने गजरौला क्षेत्र में तीन करोड़ 42 लाख रुपये ठगे थे। उसके साथी विकास नाथ त्रिपाठी ने उत्तराखंड में आत्म समर्पण किया। दोनों को गजरौला पुलिस तलाश कर रही थी।
अनूप चौधरी के गिरफ्तार होने व विकास नाथ के आत्मसमर्पण करने के कारण गजरौला पुलिस का काम आसान हो गया। दोनों को बी वारंट के जरिए अमरोहा जिले की अदालत में लाने के लिए बीते शुक्रवार को गजरौला थाने से दो टीम रवाना हो गईं। थाना प्रभारी हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि बी वारंट दाखिल हो गए हैं। अब जल्द ही अमरोहा जिले के न्यायालय में दोनों लाए जा सकते हैं।