डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सोमवार दोपहर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और परेशानियों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध के अधूरे पड़े निर्माण के लिए शासन से पत्राचार का आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ग्रस्त गांवों में चिकित्सा सुविधा व खान-पान की सुविधा का ध्यान रखने के अधीनस्थों को निर्देश दिए।
बिजनौर से छोड़े गए पानी के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। क्षेत्र के गांव शाहजहांपुर छात में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। शेरपुर से विशावली जाने वाले मार्ग पर करीब दो फीट पानी भरा है। क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी घुस आने की अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर डीएम निधि गुप्ता ने सोमवार की दोपहर प्रशासनिक अमले के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। डीएम से बाढ़ से बचाव के तरीके की जानकारी की। ग्रामीणों ने एक स्वर से तटबंध के अधूरे पड़े निर्माण को पूरा कराने की मांग की। डीएम ने मौके पर मौजूद एसडीएम से तटबंध के अधूरा होने की जानकारी की। उनको बताया कि धनराशि नहीं मिलने की वजह से तटबंध का निर्माण अधूरा पड़ा है। उन्होंने अधीनस्थों को सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिलकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पैदल चलकर उस स्थान को देखा जहां से तटबंध का काम रुका हुआ है।
- मुझे बताया गया है कि फंड नहीं मिलने के कारण तटबंध निर्माण का काम अधूरा पड़ा है। तटबंध निर्माण का काम पूरा करने के लिए धनराशि के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। शेरपुर-विशावली मार्ग पर बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए सर्वेक्षण कराकर उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।
- निधि गुप्ता वत्स, डीएम।
कम नहीं हो रही दुश्वारियां
मंडी धनौरा।
तहसील के खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। शेरपुर-विशावली मार्ग पर अभी भी दो फीट पानी जमा है। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डाल कर आवागमन कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीणों को अपने पशुओं के लिए चारा लाने में हो रही है। जंगलों में तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी है। विशावली मार्ग पर पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीण आवागमन बेहद सतर्कता बरत रहे हैंं। विशावली, शीशोवाली, सुलतानुपर, रमपुरा, ढाकोवाली आदि में बाढ़ से हालात खराब हैं। शाहजहांपुर छात में भी बाढ़ का पानी अभी भी लोगों के घराें में घुसा हुआ है।