शासन की मंजूरी के बाद विनियमित क्षेत्र की बोर्ड बैठक के इंतजार में अटकी महायोजना पर आखिरकार मंगलवार को मुहर लग गई। अब आधिकारिक तौर पर महायोजना लागू हो गई है। इसके तहत शहर को जाम से निजात दिलाने को रिंग रोड भी बनेगी। करीब 24 किलोमीटर की यह रिंग रोड 45 मीटर चौड़ी होगी, जो करीब एक दर्जन गांवों से होकर गुजारी जाएगी।
अमरोहा शहर की महायोजना को मार्च में शासन ने मंजूरी दी थी। विनियमित बोर्ड बैठक के इंतजार में महायोजना को धरातल पर लाने का काम नहीं हो पा रहा था। पहले लोकसभा चुनाव के चलते देरी हुई तो बाद में किन्हीं कारणों से लगातार विनियमित क्षेत्र की बोर्ड बैठक टलती रही। जिस कारण महायोजना पर विनियमित बोर्ड की मंजूरी की मुहर नहीं लग सकी। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी डीएम राजेश कुमार त्यागी की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। इसमें विनियमित बोर्ड ने महायोजना का अनुमोदन कर दिया। महायोजना को मंजूरी के बाद शहर के सुनियोजित विकास का ढांचा तैयार हो सकेगा। जाम से निजात को रिंग रोड भी निकाली जाएगी।
इन गांवों से होकर गुजरेगी
रिंग रोड करीब 24 किलोमीटर लंबी तथा 45 मीटर चौड़ी होगी। जिसको अतरासी रोड, गुलड़िया, अमरोहा, निजामपुर गर्वी, अकबरपुर पट्टी, अहरोई, पचोकरा, मीरा सराय, पंडकी, बंबूगढ़ चौराहा व रायपुर खुर्द समेत करीब एक दर्जन से अधिक गांवों से होकर गुजारा जाएगा। रिंग रोड बनाने के लिए रेलवे क्राॅसिंग पर फ्लाईओवर का निर्माण भी होगा।
डीएम बोले- न बसने दी जाए अवैध कॉलोनी
बैठक में डीएम राजेश कुमार त्यागी ने कहा कि महायोजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी के साथ काम किया जाए। साथ ही महायोजना का प्रचार प्रसार भी हो। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध कॉलोनियों को न बसने दिया जाए। महायोजना में जो जमीन जिस श्रेणी के लिए आरक्षित रखी गई है, वहां उसी से संबंधित कार्य हों। बैठक में विनियमित प्राधिकारी एसडीएम सदर सुधीर कुमार, नगर पालिका अमरोहा की अध्यक्ष शशि जैन, नगर पंचायत जोया के अध्यक्ष, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, अधिशासी अभियंता राज्य विद्युत परिषद, अधिशासी अभियंता निर्माण शाखा जल निगम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग व अधिशासी अभियंता आवास व विकास परिषद मुरादाबाद शामिल रहे।
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बाय का कुआं भी महायोजना में शामिल होगा
महायोजना तैयार करते समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियंत्रणाधीन बाय के कुएं को महायोजना में शामिल नहीं किया जा सका था। लेकिन, बोर्ड की बैठक के बाद अब महायोजना में बाय के कुएं को भी शामिल किए जाने के प्रस्ताव रखा गया है। जिसके लिए महायोजना में संशोधन के बाद बाय के कुएं को शामिल किया जाएगा।
दस संशोधन के बाद मंजूर हुई थी महायोजना
महायोजना के लिए शहरी व आवास मंत्रालय की और से अमरोहा के विनियमित क्षेत्र का साल 2018 में अमृत सिटी में चयन किया गया था। इसके लिए 187 आपत्तियां दर्ज की गई। जिनके निस्तारण के बाद जीआईएस सर्वे आधारित महायोजना तैयार की गई थी। महायोजना का मंजूरी से पहले कई बार शासन स्तर पर अवलोकन किया गया। जिसमें दस संशोधन के बाद इसको मंजूरी दी गई थी।
7504.17 हेक्टेयर है विनियमित क्षेत्र का दायरा
महायोजना के अनुसार शहर के विनियमित क्षेत्र का दायरा 7504.17 हेक्टेयर है। महायोजना में आवासीय, व्यवसायिक व अन्य गतिविधियों का अलग-अलग वर्गीकरण किया गया है। महायोजना में 34 गांवों को शामिल किया गया है।
जिस श्रेणी की जमीन, उसी के तहत होगा निर्माण
महायोजना के लिए आवासीय, व्यवसायिक व अन्य गतिविधियों के लिए जमीनाें की श्रेणी व क्षेत्रफल तय किया गया है। आवासीय श्रेणी की जमीनों पर अब व्यवसायिक गतिविधियां नहीं हो सकेगी। साथ ही व्यवसायिक जमीन पर आवासीय निर्माण के लिए बैनामा नहीं करा सकेंगे। वहीं हरित पट्टी व पार्क के लिए आरक्षित जमीनों पर कोई भी निर्माण नहीं हो सकेगा।
भू उपयोग की श्रेणी बदलने पर लगेगा प्रभाव शुल्क
विनियमित क्षेत्र के जेई भानुप्रताप सिंह ने बताया कि जिस श्रेणी की जमीन होगी, उसी के अनुसार मानचित्र पास किया जाएगा। अगर कोई भू-उपयोग की श्रेणी बदलना चाहता है, तो उसे इम्पेक्ट यानी प्रभाव शुल्क देना होगा।
यह रहेगा भू-उपयोग श्रेणी का दायरा
भू-उपयोग की श्रेणी - क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
आवासीय - 2453.04
व्यवसायिक - 236.37
औद्योगिक - 278.40
सार्वजनिक, सांस्कृतिक सुविधाएं - 483.59
यातायात एवं परिवहन - 500.48
पार्क, खुले स्थल व खेल मैदान व हरित क्षेत्र - 4850.92
संरक्षित वन - 58.01
बाग - 683.51
श्मशान/ कब्रिस्तान - 46.95
तालाब, नदी, नाला, नहर, झील - 112.82
कृषि - 1636.04
शहर की महायोजना को बोर्ड का अनुमोदन मिल चुका है। जिससे शहर के सुनियोजित विकास का रास्ता साफ होगा। महायोजना का प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। - सुधीर कुमार, एसडीएम सदर/ विनियमित प्राधिकारी