गजरौला में एक जनवरी को मंडी समिति में शिक्षक को गोली मारने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि शिक्षिका ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिया था। घटना के पीछे उसकी मंशा थी कि पति नामजद होने पर वह मध्यस्थता की भूमिका निभाएगी। शिक्षिका के ससुराल वाले यह समझते थे कि वह शिक्षक से बात करती है।
पुलिस के अनुसार रश्मि की शादी रजबपुर थाना क्षेत्र के चांदनगर गांव निवासी अमन उर्फ रमनदीप के साथ हुई थी। बीते साल रश्मि ने अपने पति के खिलाफ गर्भपात कराने, ससुर संजीव, चचेरे ससुर महावीर, चचेरा देवर दियांशु के खिलाफ दहेज के लिए उत्पीड़न करने, जान से मारने की धमकी देने सहित कई धाराओं में केस दर्ज कराया था।
पति और उसके परिवार वाले यह समझते थे कि वह शिक्षक नरेंद्र सिंह से बात करती है। ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के कारण उसकी गृहस्थी बिगड़ रही थी। जिसका कारण वह शिक्षक नरेंद्र सिंह को समझती थी। शिक्षक से उसके पति कहासुनी हो चुकी थी।
उसने यही सोच कर वारदात को अंजाम दिलाया कि शिक्षक को गोली मारने में उसके पति और अन्य फंस जाएंगे। बाद में समाज के लोग समझौता कराएंगे तो वह मध्यस्थता की भूमिका निभाएगी। मामला खत्म करने के लिए वह पति पर अपने साथ ले जाने का दबाव बनाएगी।