गजरौला (अमरोहा)। तेंदुए ने मोहरका में सोमवार की अलसुबह दो बकरियों को अपना निवाला बनाया। गांव के लोगों को सुबह घटना की जानकारी हुई। एक दिन पहले जंगल में तेंदुआ नीलगाय का पीछा करते हुए देखा गया था। दो बकरियों को निवाला बनाए जाने से ग्रामीणों में दहशत है।
गंगा बांध से सटे गांव मोहरका निवासी तैयब का घर गांव की उत्तर दिशा में बाहरी छोर पर है। उसने बताया कि वह रविवार की रात अपने बरामदे में सो रहा था। बकरी आंगन में बंधी थी। सोमवार की अलसुबह करीब तीन बजे तेंदुआ आया और उनके घर आंगन में बंधी बकरी को खा गया। कयास लगाया जा रहा है कि उसके गले में बंध रही रस्सी नहीं टूटने के कारण ही तेंदुए ने बकरी को आंगन में अपना शिकार बनाया। सुबह जागने पर बकरी के अवशेष मिले। दूसरी घटना कुछ दूर कांकाठेर रेलवे स्टेशन रोड की है। यहां पर अबरार का घर है।
ग्रामीणों ने बताया कि उसका घर भी खुला हुआ है। रात किसी समय आए तेंदुए ने घर के आंगन में बंधी बकरी को अपना निवाला बनाया। नफीस अहमद, युनूस, तौसीफ, साबिर आदि ग्रामीणों ने बताया कि अबरार की बकरी के भी सिर्फ अवशेष ही मिले। सूचना पाकर वन रक्षक शाह आलम गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ आठ दिन पूर्व गांव निवासी गुफरान की बकरी को ले गया था। जंगल में जाकर उसका निवाला बनाया था। रविवार को ग्रामीणों ने खेतों में तेंदुए को नीलगाय का पीछा करते देखा।
तेंदुए द्वारा एक ही रात में दो बकरियों को निवाला बनाए जाने और एक दिन पूर्व जंगल में नीलगाय का पीछा करते देखकर ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी किसान की अकेले खेतों में जाने की हिम्मत नहीं पड़ रही है। समूह बनाकर खेतों से चारा आदि लाने को मजबूर हैं। वन दरोगा राकेश कुमार ने बताया कि तेंदुए की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया जाएगा।