अमरोहा के नौगांवा सादात बिलनी गांव में दीवार फांद कर पशुशाला में घुसे तेंदुए ने चार बकरियों को मार डाला। जबकि एक को बुरी तरह जख्मी कर दिया। घटना की जानकारी होने पर मालिक के होश उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। घायल बकरी का इलाज कराया जा रहा है। तीन दिन पहले डिडौली के टिकिया गांव में भी जंगली जानवर ने 52 भेड़ों को मार डाला था। लगातार दो घटनाओं के बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार गंभीर नहीं है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव बिलनी में मुबस्सिर हुसैन का परिवार रहता है। उनके बेटे अली अब्बास पेशे से किसान हैं। वह पशु पालकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। अली अब्बास ने पांच बकरी भी पाल रखी थीं। गांव के बाहरी छौर में बिजनौर रोड पर उनका घेर है। जहां मवेशी और बकरी रहते हैं।
पशुओं की देखरेख के लिए पशुशाला पर अली अब्बास और उनका नौकर किशनपाल रहते हैं। बृहस्पतिवार की रात भी दोनों पशुशाला परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। लेकिन रात में किसी समय तेंदुआ दीवार फांद कर पशुशाला में घुस आया। यहां पांच बकरियों पर हमला कर दिया। जिसमें चार बकरियों की मौके पर मौत हो गई। जबकि एक घायल हो गई।
अली अब्बास को घटना की जानकारी शुक्रवार की सुबह करीब 6:30 बजे हुई। उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को दी। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पशुशाला के पीछे जंगल में जाकर छानबीन की तो तेंदुए के पैरों के पंजे दिखाई दिए।
पशु चिकित्कस को बुलाकर घायल बकरी का इलाज शुरू कराया गया। बकरियों के गले व शरीर पर दातों के निशान हैं। दोपहर तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। जिसे लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। मालूम रहे कि तीन दिन पहले डिडौली के गांव टिकिया में रहने वाले भूरे सिंह की पशुशाला में घुसकर जंगली जानवर ने 52 भेड़ों को मार डाला था। जबकि 15 को घायल कर दिया था। जिसके बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।