हसनपुर/ढबारसी। सांथलपुर गोशाला में जहरीला चारा खाने से हुई 61 गोवंशों की मौत के मामले में जेल भेजे गए ग्राम विकास अधिकारी मोहम्मद अनस के बाद अब ग्राम पंचायत में उनके स्थान पर कृपाल सिंह को तैनाती दी गई है। कृपाल सिंह की देखरेख में गोशाला संचालित की जा रही है, जबकि ग्राम प्रधान व पूर्व विधायक हरपाल सिंह के भाई के जेल जाने के बाद उनके स्थान पर स्थायी रूप से एडीओ पंचायत गंगेश्वरी को नामित किया गया है।
बतादें कि बृहस्पतिवार को चारा खाने से गोशाला में 61 गोवंशों की मौत हो गई थी। जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी ने गोवंशों की मौत के लिए जिम्मेदार मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी मोहम्मद अनस को निलंबित कर दिया था। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जबकि ग्राम प्रधान को भी आरोपी मानते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दोनों को जेल भेजा जा चुका है। ग्राम विकास अधिकारी कृपाल सिंह ने चार्ज संभाला है।
कृपाल सिंह दो माह पहले तक इसी गांव के ग्राम विकास अधिकारी थे। लंबे समय तक उन्होंने यहां कार्य किया। उनके पास गोशाला संचालित करने का अच्छा अनुभव है। जबकि ग्राम प्रधान के स्थान पर एडीओ पंचायत गंगेश्वरी को नामित किया गया है। खंड विकास अधिकारी गंगेश्वरी रेनू कुमारी ने बताया कि जेल भेजे जा चुके निलंबित ग्राम विकास अधिकारी मोहम्मद अनस के स्थान पर कृपाल सिंह को ग्राम विकास अधिकारी बनाया गया है।
गोशाला को चारा देने से कतरा रहे किसान
ढबारसी। सांथलपुर गोशाला में 61 गोवंशों की मौत के बाद अब क्षेत्र के किसान गोशाला को चारा देने से कतरा रहे हैं। कई किसानों ने साफ मना कर दिया है।
सांथलपुर गोशाला में बीते बृहस्पतिवार को गांव निवासी किसान ताहिर के खेत से चार आया था। खुद ताहिर ही गोशाला में चारा पहुंचा कर आए थे, लेकिन चारा खाने के बाद 61 गोवंशों की मौत हो गई। गोवंशों की मौत का जिम्मेदार खेत के किसान को ही मानते हुए उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया गया है। इसका प्रभाव गांव के अन्य किसानों पर भी पड़ा है। किसान गोशाला को चारा देने से कतरा रहे हैं। कई किसानों ने साफ मना कर दिया है। किसानों का कहना है कि यदि चारा देने के बाद किसी पशु को कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि अधिकारी किसानों को समझा रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक महेंद्र खड़गवंशी ने भी कई किसानों को समझाया है। कहा है कि कोई बात नहीं चारा दे दिया जाए।