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ब्रजघाट-हरिद्वार से गंगाजल लेकर जिले से गुजरे 11.50 लाख शिवभक्त

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अमरोहा। सावन माह में कांवड़ यात्रा अमरोहा जनपद के लिए सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि बरेली और मुरादाबाद मंडल समेत अन्य कई जनपदों के शिवभक्त ब्रजघाट से कांवड़ में जल लेकर गंतव्य को लोटते हैं। हजारों भक्त हरिद्वार से भी कांवड़ लेकर आते हैं। इस बार चारों सोमवार को मिलाकर 11.50 लाख शिवभक्त जल लेकर अमरोहा जिले से होकर गुजरे है। इतनी बड़ी तादाद में कांवड़ियों के सकुशल लौटने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। साथ ही डीएम-एसपी में रात दिन ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को भविष्य में भी ऐसे ही मेहनत के साथ ड्यूटी का फर्ज अदा करने को कहा है।
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सावन माह की कांवड़ यात्रा 14 जुलाई से शुरू हुई थी। बरेली, मुरादाबाद मंडल के अलावा बुलंदशहर समेत कई जनपदों के शिवभक्तों के गढ़ मुक्तेश्वर का ब्रजघाट कांवड़ में जल लेने के लिए प्रमुख स्थान है। इन क्षेत्रों के कांवड़िये ब्रजघाट से गंगाजल लेकर प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक करते हैं। इतना ही नहीं हजारों शिव भक्त हरिद्वार, ऋषिकेश, गोमुख जैसे प्रसिद्ध स्थानों से भी गंगाजल लेकर लौटते हैं। ऐसे में सावन माह की कांवड़ यात्रा अमरोहा जनपद के लिए सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहती है।
बड़ी तादाद में कांवड़ियों के जत्थे हाईवे से गुजरते हैं। हरिद्वार से आने वाले शिवभक्त मिश्रित आबादी से गुजरते है, जो सबसे बड़ी चुनौती होती है। कांवड़ियों की सहूलियत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान लागू किया। भारी वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना तो करना पड़ा, लेकिन इसी की वजह से कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हो सकी। एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि इस बार चारों सोमवार के लिए ब्रजघाट से कांवड़ में जल उठाने वाले शिव भक्तों की संख्या करीब 8 लाख से अधिक रही है।
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जबकि 3.50 लाख शिवभक्त हरिद्वार व अन्य प्रमुख स्थानों से गंगाजल लेकर लौटे हैं। कुल 11.50 लाख शिवभक्त अमरोहा जनपद से होकर गंतव्य के लिए सकुशल पहुंच चुके हैं। डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी आदित्य लांग्हे ने रात-दिन ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को भी भविष्य में भी ऐसे ही अपना फर्ज अदा करने के लिए प्रेरित किया है।
भोले का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में उमड़ा हुजूम, लगे जयकारे
अमरोहा। सावन के चौथे सोमवार पर जिले में शिवभक्तों का रेला लगा रहा। शिवभक्तों की धूम रही। सड़कें-गलियां श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार दिखीं। जगह-जगह शिवालयों में भक्तों ने भोले का अभिषेक कर विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी रही। घंटे-घड़ियालों और मंत्रों से पूरा नगर गूंजता रहा। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे। सीसी टीवी कैमरे निगरानी हुई।
ब्रजघाट और हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटे शिवभक्तों की तड़के ही शिवालयों में भीड़ उमड़ने लगी थी। भक्तों ने भोले शंकर का जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव और बम भोले के जयकारे लगाए। भक्तों ने प्राचीन श्रीवासुदेव तीर्थ, श्रीबाबा गंगानाथ मंदिर, चौरासी घंटा मंदिर, कामनाथ महादेव मंदिर, विरासत मंदिर, चामुंडा मंदिर, गजस्थल के प्राचीन शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में गंगा जल और दूध से भोले का जलाभिषेक किया। अधिकतर भक्तों ने घरों के आसपास मंदिरों में पूजा कर परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुरक्षा के लिहाजा से सभी मंदिरों पर पुलिस मुस्तैद रही। बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर गूंज उठे, जिससे वातावरण भक्तिमय रहा। सुरक्षा के लिहाज से डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी आदित्य लांग्हे अधीनस्थों को व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते रहे।
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