सावन माह के आखिरी सोमवार के लिए मुरादाबाद और बरेली क्षेत्र के तमाम शिवभक्त ब्रजघाट से गंगाजल लेकर गंतव्य के लिए लौटेंगे। इसलिए कांवड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से शुक्रवार की शाम से हाईवे पर फिर से रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद सोमवार की दोपहर भारी वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाली लेन पर दोनों तरफ के हल्के वाहनों को गुजारा जाएगा। जबकि दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाली लाइन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी।
चौदह जुलाई से शुरू हुई सावन माह की कांवड़ यात्रा आखिरी सोमवार यानी 8 अगस्त को समाप्त हो जाएगी। इस दिन मुरादाबाद और बरेली क्षेत्र के शिव भक्तों की भारी भीड़ हाईवे पर रहने का अनुमान है। तमाम शिवभक्त ब्रजघाट से गंगाजल लेकर वापस गंतव्य के लिए कूच करेंगे। कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने हाइवे पर रूट डायवर्जन प्लान लागू कर रखा है। सप्ताह में तीन दिन रूट डायवर्जन प्लान लागू रहता है। इसी क्रम में बीते सोमवार यानी एक अगस्त की दोपहर को जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के रूट डायवर्जन की पाबंदी समाप्त कर दी थी। लेकिन माह के आखिरी सोमवार पर फिर कांवड़ियों का रैला उमड़ेगा।
बड़ी तादाद में शिव भक्त गंगा जल लेकर हाईवे से गुजरेंगे। कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन शुक्रवार की शाम से रूट डायवर्जन प्लान लागू कर देगा। इसके साथ ही हाईवे पर गुजरने वाले भारी वाहन ट्रक, भारी मालवाहक वाहन, निजी और रोडवेज बसों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। इन वाहनों को प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा।
जबकि मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाली लेन पर दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले छोटे वाहन जैसे बाइक, कार, दूध, फल या सब्जी के वाहनों को गुजारा जाएगा। जबकि दिल्ली से मुरादाबाद की ओर जाने वाली लेन कावड़ियों के हवाले रहेगी। इस लाइन पर किसी भी छोटे बड़े वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए शुक्रवार की शाम से हाईवे पर रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा। यदि इससे पहले हाईवे पर कांवड़िया भीड़ देखने को मिली तो उनकी सुरक्षा को देखते हुए रूट डायवर्जन प्लान को पहले भी लागू किया जा सकता है। कांवड़ियों की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है।