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Amroha: चार साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल की सजा, ऐसे दिया था घटना को अंजाम

Tue, 25 Jul 2023 09:06 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को न्यायालय ने दस साल की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चार साल पहले किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को न्यायालय ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बाल अपचारी जमानत पर बाहर था। न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।

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ये घटना गजरौला थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले की है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। यहां के रहने वाले किसान की 15 वर्षीय बेटी अपनी मौसी के घर रहती थी। 20 मार्च 2019 को परिजनों की गैर मौजूदगी में गांव का ही रहने वाला किशोर अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा और किशोरी से बताया कि तेरी मां का एक्सीडेंट हो गया है और तेरी मौसी भी अस्पताल में है। 

मां के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना मिलते ही किशोरी आरोपी युवकों के साथ घर से चली गई। जिसके बाद किशोरी लापता हो गई। परिजनों के काफी तलाश करने के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला। कई दिन छानबीन करने के बाद पता चला कि गांव का ही किशोर अपने दो साथियों के साथ किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया है। इस मामले में किशोरी के पिता ने आरोपी और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। 
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घटना के पंद्रह दिन बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान किशोरी ने अपने बयान में आरोपी किशोर पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया। लिहाजा पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी कर आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी किशोर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद आरोपी किशोर जमानत पर बाहर आ गया था। 

ये मुकदमा बाल न्यायालय/अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिला राघव की अदालत में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी पॉक्सो एक्ट पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने सोमवार को मुकदमे में सुनवाई थी और साक्ष्यों के आधार पर बाल अपचारी को दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायालय ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई की और बाल अपचारी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि वर्तमान में दोषी बाल अपचारी की उम्र 21 साल है इसलिए न्यायालय ने बाल सुधार गृह की बजाये उसे जेल भेजा है।

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