गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि से अधिक भूमि पर ठियाबंदी करने का आरोप लगाते हुए सकतपुर करनपुर के ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कहा कि पहले भी इसकी शिकायत की जा चुकी है लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बुधवार को गांव सकतपुर-करनपुर के किसान एकत्र होकर एसडीएम कार्यालय पर पहुंचे। यहां प्रदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दिनों गंगा एक्सप्रेसवे के लिए कई किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसमें भूमि के समतलीकरण का कार्य हो रहा है। आरोप है कि जितनी भूमि की उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए रजिस्ट्री कराई है। उससे अधिक भूमि चिह्नित की गई है। किसानों का कहना है कि वह छोटे-छोटे कृषक हैं। ऐसा होने से वह भूमिहीन हो जाएंगे। आरोप है कि एक तरफ जहां उन्हें सर्किल रेट कम होने के कारण भूमि का मुआवजा ही कम मिला है।
किसान सुशील का कहना है कि उनकी करीब साढ़े आठ बीघा भूमि की रजिस्ट्री गंगा एक्सप्रेसवे में हुई। जबकि करीब नौ बीघा से अधिक भूमि पर ठियाबंदी की जा रही है। ऐसे ही गांव में अन्य किसानों की भूमि पर अधिक ठियाबंदी की जा रही है। जिससे किसानों में रोष व्याप्त है। पूर्व में ही इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। किसानों का कहना है कि भूमि की दोबारा से पैमाइश कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में विसंबर, रोहन ,सुशील कुमार, किरन, कमलावती, नेम पाल, प्रहलाद सिंह, रामअवतार, नरेंद्र, आदि शामिल रहे।
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो दोबारा से पैमाइश भी कराई जा सकती है। किसी भी किसान की भूमि रजिस्ट्री से अधिक नहीं ली जाएगी। -विजय शंकार, एसडीएम, हसनपुर