जिलाधिकारी बाल कृष्ण त्रिपाठी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देशित करते हुए कहा कि सूखे को देखते हुए सिंचाई के सभी संसाधनों, सरकारी नलकूपों को चालू स्थिति में रखा जाए। रोस्टर के अनुसार चलाए जाने की व्यवस्था की जाए।
कलक्ट्रेट सभागार में संभावित सूखे तथा उससे उत्पन्न होने वाली समस्या के संबंध में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने अधीनस्थों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि सूखे के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल के सभी स्रोतों, संसाधनों की उचित मरम्मत एवं पूर्ण तैयार करवा दिया जाए। खराब नलकूप को भी समय से मरम्मत सुनिश्चित करा दिया जाए। पशुओं के पेयजल हेतु सिंचाई विभाग के नहरों, नलकूप, निजी नलकूपों के माध्यम से तालाब पोखर को भरवाने की व्यवस्था की जाए। अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित करते हुए कहा कि खराब ट्रांसफार्मर निर्धारित अवधि में बदल दी जाए। रोस्टर के अनुसार निर्धारित समय में विद्युत आपूर्ति निश्चित किया जाए। अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देशित करते हुए कहा कि सिंचाई के सभी संसाधनों सरकारी नलकूपों को चालू स्थिति में रखा जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि लोगों में लू संक्रामक रोगों एवं महामारी से बचाने के लिए आवश्यक निषेधात्मक व्यवस्था एवं सघन चिकित्सा व्यवस्था की जाए। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि मृदा में नमी संरक्षण के उपायों का प्रचार प्रसार किया जाए। वैकल्पिक फसलों के साथ-साथ खाद बीज उर्वरक की प्रबंध की व्यवस्था की जाए। फसलों को रोग बचाव के लिए टीकाकरण की समुचित व्यवस्था की जाए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी भगवान शरण, मुख्य विकास अधिकारी चंद्र शेखर शुक्ल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजीव सिंघल, जिला वन अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपजिलाधिकारी धनौरा, अपर उप जिलाधिकारी सुबोध कुमार आदि मौजूद रहे।