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सपा विधायक के परिजनों के वोट कटने के बाद दूसरे दल के नेताओं की भी चिंता बढ़ी

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अमरोहा सीट से सपा विधायक महबूब अली की पत्नी और बेटों और पुत्र वधू के वोट कटने के बाद दूसरे दल के नेताओं की चिंता बढ़ गई है।
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जिले में मतदाता सूची के सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने प्रारूप जारी कर दिया है, जिसके आधार पर जिले में 2017 में हुए निकाय चुनाव के मुकाबले इस बार करीब 69415 नए मतदाता वोट डालेंगे। जबकि सभी नगर निकायों में 36294 वोट कटे हैं। इसके साथ अकेले अमरोहा नगर पालिका में 9070 मतदाता नए जुड़ें हैं। जबकि सैदनगली में करीब 14,930 मतदाता पहली बार निकाय चुनाव में भाग लेंगे। इसके साथ ही जिले की नौ नगर निकायों के 196 वार्डों में 452 बूथों पर 3 लाख 69 हजार मतदाता वोट डालेंगे। हालांकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होना अभी बाकी है। लेकिन इसी बीच शहर के ही रहने वाले शाहनवाज की शिकायत पर अमरोहा विधानसभा सीट से लगातार पांच बार से सपा विधायक महबूब अली के परिवार वालों के शहर और गांव समेत तीन जगह की मतदाता सूचना में वोटर पाए गए। प्रशासनिक दावों के मुताबिक वोटर लिस्ट में महबूब अली की पत्नी सकीना, बेटे परवेज अली व शाहनवाज और पुत्रवधू नीलोफर के नाम अमरोहा नगर पालिका के वार्ड-2 रामपुर घना, वार्ड-9 दानिशमंदान व ग्राम पंचायत-86 शकरपुर समसपुर की मतदाता सूची में पाए गए। महबूब अली मूलरूप से गांव शकरपुर समसपुर के रहने वाले हैं। जबकि मौजूदा समय में वह पत्नी व बेटों के साथ अमरोहा नगर के मोहल्ला दानिशमंदान में रहते हैं। डीएम बीके त्रिपाठी के आदेश पर एसडीएम सदर अनिल कुमार श्रीवास्तव ने इसकी जांच की। जिसमें आरोप सही पाए गए और अमरोहा नगर पालिका के वार्ड दो व नौ की मतदाता सूची से चारों के नामों हटा दिया गया है। अब सवाल ये है कि गांव से निकले कई दलों के तमाम नेता शहर में रहते हैं। उनके वोट भी गांव और शहर में बने होने का दावा किया जा रहा है। अब कितने और नेताओं के फर्जी वोट कटे हैं इसका खुलासा मतदाता सूची के अंतिम प्रशासन के बाद हो पाएगा।
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तीन अलग-अलग स्थान की मतदाता सूची में नाम होने के करण विधायक महबूब अली के परिजनों के वोट काटे गए हैं। इसके अलावा और भी जिलेभर में अभियान चलाकर वोट काटने व जोड़ने की कार्रवाई की गई है। एक मतदाता का नाम एक स्थान की वोटर लिस्ट में होना चाहिए। -बीके त्रिपाठी, डीएम
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