आदमपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता हरिप्रकाश राणा ने 27 सितंबर 2024 को डीएम से शिकायत की थी। कहा था कि आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से पता चला कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में गंगेश्वरी ब्लॉक में गंगा नदी किनारे के गांवों में जैविक खेती, हरी खाद, जीवामृत, बीजामृत, वानस्पतिक, अर्क, लिक्विड बाये, फर्टिलाइजर आदि हेतु के लिए धनराशि 7.14 करोड़ रुपए सरकार ने आवंटित किए थे। जो धनराशि गंगा किनारे गांवों में खर्च होने दिखाई गई, लेकिन खर्च नहीं हुई। धरातल पर कोई नहीं दिखाई दे रहा।
जांच कराने की मांग की थी। इस संबंध में डिप्टी कलेक्टर विभा श्रीवास्तव द्वारा जांच की जा रही है। जांच में पता चला है कि कुछ किसानों के खाते में रकम डाली गई और कुछ लोगों ने उसे किसानों से निकलवाई। किसान राजपाल सिंह निवासी गांव चीला, देवचंद निवासी मुवारिजपुर ने शपथ-पत्र देकर बताया कि हमारे खाते में 4800-4800 रुपए आये थे। जिन्हे कुछ लोगों ने निकलवाकर वापस ले लिया और बदले में एक ड्रम, वाल्टी आदि सामान दे दिया। इनके अलावा हरिओम, खमानी, राजपाल, समरपाल, अतराज, यादराम आदि लोगों ने भी शपथ पथ दिए हैं।