अमरोहा। किताबों को रद्दी में बेचे जाने के मामले में एबीएसए गंगेश्वरी आयशा बी को डीएम के आदेश पर मुख्यालय संबद्ध किया गया है। उनका चार्ज छीन लिया गया है। उनकी जगह बीईओ आरती गुप्ता को नई जिम्मेदारी दी गई है। ये कार्रवाई स्थानीय स्तर पर डीएम के आदेश पर की गई है। अब शासन से होने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। वहां से बड़ी कार्रवाई होने का अंदेशा है।
सात फरवरी को हसनपुर क्षेत्र के गांव कनेटा निवासी फारूख के घर से दस हजार से अधिक कार्य-पुस्तिकाएं बरामद की गई थीं। सामने आया था कि कार्य-पुस्तिकाओं को बीआरसी चंदनपुर से विद्यालयों में वितरित कराने की बजाय रद्दी में बेचा गया था। इस प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी गंगेश्वरी आयशा बी की तहरीर पर सैदनगली थाने में कबाड़ी के ससुर फारूख व किताबों के सप्लायर बालाजी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद रविवार को डीएम बीके त्रिपाठी ने सैदनगली पहुंचकर कबाड़ी सरफराज निवासी शाहपुर कला को बुलाकर पूछताछ की थी। सच्चाई सामने आने पर बीआरसी चंदनपुर पर किताबों के भंडारण और वितरण का लेखा जोखा रखने वाले कर्मचारी जयपाल सिंह निवासी मोहल्ला होलीवाला कस्बा हसनपुर और सतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को जांच पड़ताल में दोषी पाए जाने पर कबाड़ी सरफराज, किताबों के सप्लायर संदीप राणा, कर्मचारी जयपाल को जेल भेज दिया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। पुलिस मामले में विवेचना कर रही है। पूरी मामले की जांच डिप्टी कलक्टर अरूण कुमार कर रहे थे। डिप्टी कलक्टर की जांच रिपोर्ट में बीएसए व एबीएसए की लापरवाही भी सामने आई थी। डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि गंगश्वरी की एबीएसए आयशा बी को मुख्यालय अटैच किया है। बाकी कार्रवाई शासन स्तर से होगी।