जिले में झोलाछाप के हौसले बुलंद है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का भी इन पर कोई असर नहीं है। ऐसा ही एक प्रकरण सामने आया है। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद झोलाछाप ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लीनिक में लगाई सील को तोड़कर शुरू कर दिया। इसमें एक प्रशासनिक अधिकारी के शामिल होने की भी चर्चा है। मामले को गंभीरता से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, खुले क्लीनिक का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह मामला सैदनगली थाना क्षेत्र के ढक्का मोड का है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने छह जुलाई 2024 को ढक्का मोड़ स्थित माही हेल्थ क्लीनिक का निरीक्षण किया था। इस दौरान यह क्लीनिक पंजीकृत नहीं पाया गया, जबकि संचालक राशिद अली खुद क्लीनिक पर चिकित्सा व्यवसाय करता हुआ पाया गया। अस्पताल संचालक राशिद अली के द्वारा कोई भी दस्तावेज नहीं दिखाए गए। इतना ही नहीं राशिद अली ने नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार के साथ अभद्रता की थी।
धमकी देते हुए राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाई थी। इस मामले में नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार में सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, लोक सेवक को धमकी देने, इंडियन मेडिकल एक्ट और धोखाधड़ी से स्वयं को चिकित्सक बताकर अवैध रूप से धन अर्जित करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जबकि अवैध रूप से संचालित इस क्लीनिक को सील कर दिया गया था। लेकिन, दो दिन पहले बगैर पंजीकृत इस क्लीनिक पर लगी सील तोड़कर चिकित्सा व्यवसाय शुरू कर दिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुमार ने बताया कि सील तोड़कर क्लीनिक शुरू करने के मामले में की शिकायत मिली है। माही हेल्थ क्लीनिक न तो पंजीकृत है और न ही उसके पास योग्य डॉक्टर है। इसकी शिकायत कमिश्नर से भी हुई है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सरकारी सील को तोड़कर क्लीनिक शुरू करने का मामला गंभीर है, मामले में आरोपी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।