गैंगेस्टर भूरा की गजरौला और हसनपुर में 94.97 लाख रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया। जेल में बंद गैंगेस्टर भूरा अपने पांच सदस्यीय गिरोह का लीडर है। वह और उसका गिरोह लोगों को डरा धमकाकर रंगदारी मांगते थे।
एसडीएम न्यायिक मंडी धनौरा चंद्रकाता व सीओ अरुण कुमार सिंह बृहस्पतिवार को गजरौला, रबजपुर व बछरायूं थाना पुलिस और पीएसी जवानों को लेकर अल्लीपुर भूड़ पहुंचे। यहां सबसे पहले मुनादी कराई गई। इसके बाद मूलरूप से हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सिहाली जागीर निवासी भूरा के मकान को कुर्क किया। जिसकी कीमत 77 लाख 46 हजार रुपये है। उसका मकान 236.17 वर्ग मीटर भूमि पर बना है। जिसमें भूमि की कीमत 4523400 रुपये है और उस पर बने मकान की कीमत 3223025 लाख रुपये है। इसके बाद उसके हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सिहाली जागीर स्थित मकान को कुर्क किया गया। जिसमें 67.20 वर्ग मीटर भूमि की कीमत 672000 रुपये और उस पर बने मकान की कीमत 1079111 रुपये आंकी गई थी।
सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि भूरे उर्फ जावेद पुत्र महमूद खां ने विगत कई वर्षों से संगठित गिरोह बना कर बड़े पैमाने पर रंगदारी से अवैध संपत्ति अर्जित की। वह और उसका गिरोह चोरी छिपे अवैध धन की डरा धमका कर उगाही कर रंगदारी मांगने का काम करता था। इसके अलावा प्राइवेट बसों और डग्गामार वाहन चालकों से भी अवैध वसूली करता था। जिसके बाद गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई थी।
15 दिन पूर्व किया था लोक निर्माण विभाग ने संपत्ति का आकलन
गैंगेस्टर भूरा व उसके गिरोह सदस्यों के खिलाफ सबसे पहला मुकदमा 23 अगस्त को हापुड़ जिले के बदरखा निवासी आलमगीर ने दर्ज कराया था। आलमगीर प्राइवेट बस चालक है। उसके द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक भूरा व उसके चार साथी 160 प्राइवेट बसों और डग्गामार वाहनों से अवैध वसूूली करते थे। प्रत्येक चक्कर का सात सौ रुपये लेते थे। पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जेल भेजा। इसके बाद गैंगेस्टर की कार्रवाई की। संपत्ति को कुर्क करने से पहले पुलिस ने लोक निर्माण विभाग से उसके अल्लीपुर भूड़ स्थितमकान का आकलन कराया।