जिले में बुखार और डेंगू कहर बरपा रहा है। सोमवार को हुई जिला अस्पताल की ओपीडी में 1500 मरीज आए जिसमें 700 बुखार पीड़ित थे। इस दौरान सात में डेंगू की पुष्टि भी हुई।
बारिश के बाद मच्छरों की फौज बढ़ गई है जिसके चलते डेंगू का डंक लोगों की नींद उड़ा रहा है। निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। जिला अस्पताल में सोमवार को 1500 से अधिक की ओपीडी हुई। जिसमें करीब 700 मरीज बुखार से पीड़ित थे। गंभीर रुप से बीमार 25 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई जिसमें सात में डेंगू की पुष्टि हुई। जिले में अब तक 25 से अधिक डेंगू के मरीज मिल चुके हैं और बुखार, डेंगू से दस से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इसमें जोया ब्लॉक क्षेत्र के सरकड़ा कमाल और गजरौला प्रभुवन में हुई छह मौत शामिल हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास इन मौतों का आंकड़ा नहीं है। डेंगू व बुखार से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण भयभीत हैं। मरीज दिल्ली व मेरठ के अस्पतालों में दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
गांवों से निगरानी समिति हुई लापता
गांव-गांव लोग बुखार से तप रहे हैं, कहीं मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में तैयार की गई निगरानी समिति भी लापता है।
बुखार-डेंगू से इन गांवों के हालत खराब
सरकड़ा कमाल, गजरौला प्रभुवन, आलमपुर कैंच, रझेड़ा-बहादरपुर, धनौरी मीर, नौगांवा तगा, राजपुर, मनौटा, मटीपुरा, असगरीपुर, सलामतपुर, ढबारसी, सांथलपुर, गाराबपुर, फत्तेहपुर अधेक, बुखारीपुर में बुखार और डेंगू को लेकर हालात खराब हैं।