गजरौला। तिगरी गंगा मेले में श्रद्धालुओं और अफसरों के शिविर लगाने के लिए गंगा की 70 मीटर जल धारा को मिट्टी की बोरी लगाकर रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जल धारा को रोक कर उससे निकलने वाली रेती के मैदान पर ही श्रद्धालुओं के लिए गंगा तट तक पहुंचने का मुख्य मार्ग बनाया जाएगा।
अब की बार गंगा के कटान ने मेला स्थल का स्वरूप ही बदल दिया। जहां पर बीते साल मुख्य जलधारा थी, वहां पर इस बार नाला रह गया। जिसमें अब तक जल बह रहा था। मगर इसके आगे दक्षिण की तरफ टापू है। टापू के बराबर भी एक नाला है। जिसमें इस समय जलधारा प्रवाहित हो रही है। इस जलधारा का पानी रोका जा रहा है। यहां जो रेतीला मैदान निकलेगा, उस पर मेला कोतवाली बनेगी। अफसरों के शिविर लगाए जाएंगे। सांस्कृतिक केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। नाले के बराबर टापू को पार गंगा की मुख्य जलधारा है। जिसमें श्रद्धालु स्नान करेंगे। मगर उस तक पहुंचने के लिए दूसरे नाले का जल रोका जाना जरूरी है। जिस पर गंगा तक श्रद्धालुओं पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग बनेगा। अन्य कोई और स्थल नहीं है, जहां पर मार्ग बनाया जा सके। दूसरे नंबर के नाले को रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग 70 मीटर लंबी मिट्टी और रेता भरी बोरियों की दीवार बनाई जा रही है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत दिन भर जलधारा को रोकने के लिए दीवार बनवाने में लगे रहे।
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पुलिस ने किया पटाखे वाली बाइक का चालान
गजरौला। तिगरी गंगा मेले के लिए सड़क बनाने, मेला स्थल को समतल करने का काम चल रहा है। बड़ी संख्या में बाइक सवार युवक गंगा तट पर मंडराते रहते हैं। जिससे काम करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे बाइक सवार युवक मेला स्थल पर बाइकों के साइलेंसर से पटाखा छोड़ने जैसी आवाज कर रहे थे। जिसकी आवाज गजरौला इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह के कानों तक पहुंची। उन्होंने तुरंत हल्का इंचार्ज को बाइक का चालान करने के निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर बाइक पकड़ ली। उसका साइलेंसर उतार दिया। बाइक को सीज कर दिया गया।