मंडी धनौरा क्षेत्र के 67 और हसनपुर रेंज के चार गांव हस्तिनापुर सेंचुरी से बाहर होंगे। कैबिनेट की बैठक में यह प्रस्ताव पास हो गया। मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने यह दावा करते हुए कहा कि गांव बाहर हो गए हैं। जल्द ही इसका गजट भी जल्द ही जारी होगा।
जिले में हस्तिनापुर सेंचुरी गजरौला से लेकर धनौरा तक फैली है। इसके कारण सेंचुरी के अंतर्गत विकास कार्य कराने में खासी दिक्कत सामने आती है। सड़क, पुल आदि बनाने के लिए वन विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। यह एनओसी भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से ली जाती है। जिसे लेने में पसीने छूट जाते हैं। वन विभाग के माध्यम से एनओसी मिलती है। सेंचुरी के कारण गजरौला क्षेत्र में नए उद्योग धंधे नहीं लग रहे थे। इसके अलावा पुराने उद्योगों पर भी तलवार लटके रहने का डर बना रहता था। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही उद्यमी भी धनौरा रेंज के 67 गांवों और हसनपुर के 4 गांवों को सेंचुरी से बाहर किए जाने की लंबे समय से मांग उठा रहे थे। जिसकी प्रक्रिया शासन स्तर पर अंतिम चरण में थी। मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा भी प्रयास कर रहे थे। उनकी पैरवी और उद्यमियों की मांग पर 71 गांव सेंचुरी से बाहर किए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में पास हो गया। विधायक राजीव तरारा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ही इसका गजट भी जारी होगा।