बिजनौर से छोड़े जा रहे पानी के चलते गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अब 52999 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से तिगरी में गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 200.10 मीटर हो गया। किनारे की झोपड़ी जल मग्न हो गईं। ओसीता जगदेवपुर के खेतों को जाने वाले मार्ग पर गंगा का पानी भर गया है। ग्रामीण पानी से निकलकर चारा लाने को मजबूर है।
बीते शुक्रवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.05 मीटर था। शनिवार को बिजनौर से गंगा में 52999 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 200.10 मीटर हो गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों के खेत बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इससे टापू में बसे और खादर के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ओसीता जगदेवपुर के खेतों को जाने वाला मार्ग बाढ़ के पानी से लबालब है। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गईं। ग्रामीणों के सामने चारा लाने की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ से सबसे अधिक परेशानी का सामना टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, टीकों वाली, मंदिर वाली आदि गांवों के ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि बिजनौर बैराज से 52999 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने के कारण गंगा का जल स्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ गया है। शनिवार को गंगा का जल स्तर 200.10 मीटर दर्ज किया गया।