चार लाख की उधार ली रकम का पांच साल में 32 लाख हुआ ब्याज
गजरौला (अमरोहा)। विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए उधार ली गई चार लाख की रकम का ब्याज पांच साल में 32 लाख रुपये हो गया। युवक का आरोप है कि उसने 32 लाख रुपये ब्याज के दे दिए, लेकिन इसके बाद भी उसका हिसाब खत्म नहीं हुआ। युवक के सामने किडनी बेच कर रकम अदा करने की नौबत आ गई। रकम वसूलने के लिए कर्जदार के घर जाकर गाली गलौज कर मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
शिवपुरी मोहल्ला निकट रेलवे स्टेशन निवासी विजय कुमार द्वारा दर्ज कराई एफआईआर के मुताबिक उसने 2017 में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए फिलिपिंस में प्रवेश लिया। एक लाख रुपये भी जमा कर दिए। मगर चार लाख रुपये की जरूरत और पड़ी। उसनेचौधरी खेम सिंह कालोनी निवासी दीपक से चार लाख रुपये उधार लिए। विजय कुमार का कहना है, जब उसने रुपये उधार लिए तो दीपक ने ब्याज आदि के बारे में कुछ नहीं बताया था। इस बीच पिता के निधन और पारिवारिक समस्या के कारण वह फिलिपिंस नहीं जा सका। उधर छह महीने बाद दीपक उसके घर आया। बोला कि आठ लाख अस्सी हजार रुपये कब देगा। विजय कुमार के यह कहने पर कि उसने चार लाख रुपये ही उधार लिए थे, दीपक ने चार लाख 80 हजार रुपये ब्याज के होने की बात कही। विजय कुमार ने उधार ली गई रकम पर लगाया 20 प्रतिशत मासिक ब्याज अधिक बताया।जिस पर उसे परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी, जिससे डर कर उसने 20 प्रतिशत ब्याज देना शुरू कर दिया। दीपक को ब्याज के रूप में 32 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद भी उसका हिसाब चल रहा है। उसका आरोप है कि छह महीने पूर्व घर आए दीपक ने विजय के परिवार व दोस्तों के परिजनों के साथ मारपीट की। धमकी से डर कर वह रुपयों का इंतजाम करने के लिए किडनी बेचने चला गया। उसके दोस्तों ने उसे ऐसा करने से रोका। विजय कुमार का यह भी आरोप है कि दीपक ने उसकी भाभी से 40 हजार रुपये का चेक लिया। जिसे धोखा करके 14 लाख करलिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। थानाप्रभारी राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोस्तों ने ली थी विजय की जिम्मेदारी
दो वर्ष पूर्व किसी कारण सेविजय कुमार दीपक कुमार को ब्याज नहीं दे पाया। जिस परदीपक उसके घर गया। आरोप है कि दीपक ने उसके छोटे बेटे और परिवार के साथमारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। जिसकी जानकारी होनेपर विजय के दोस्त नितिन रस्तोगी व भूपेंद्र चाहल आए। दोनों ने यह जिम्मेदारी ली कि रकम वापस नहीं करने पर वह खुद देंगे। उन्होंने दीपक को पैसे देकर विजय कुमार व उसके परिवार को बचाया।