मंडी धनौरा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष डूंगर सिंह ने दिल्ली बार्डर पर किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा है कि इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। उन्होंने इस मामले में किसानों के साथ सहानुभूति दिखा रहे विपक्षी दलों को राजनीति नहीं करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग ने अपनी सिफारिश 2005 में सरकार को सौंप दी थी। तब से कांग्रेस, सपा, बसपा और अन्य विपक्षी दल क्यों चुप थे। कांग्रेस की सरकार केंद्र में रही। उसने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश क्यों नहीं लागू की। अन्य विपक्षी दल क्यों नहीं भाकियू के साथ खुलकर आए। भाकियू नेता ने कहा कि जब तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं की जाती हैं तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार गेहूं के समर्थन मूल्य में वृद्धि का चारा फेंक कर किसानों को नहीं बहला सकती है।