धोखाधड़ी करके संपत्ति का बैनामा कराकर बैंक में बंधक रख पर लोन ले लिया। नीलामी में हकीकत सामने आने पर शाखा प्रबंधक ने तीन भाइयों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजीजादा का है। यहां पर फैसल, फहीम व जावेद तीन सगे भाई रहते हैं। वर्ष 2017 में फैसल ने यूपी ग्रामीण प्रथमा बैंक से 28 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया था। जिसके बदले उसने तीन मकान बंधक किए थे। बतौर जमानत बैंक में तीनों मकानों के बैनामे गिरवी रखे थे। जमानती के तौर पर उसके भाई फहीम व जावेद का नाम दर्ज था। पांच साल के बाद भी फैसल ऋण अदायगी नहीं कर सका। बैंक अधिकारियों ने संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की। जब बैनामों की जांच की तो हकीकत सामने आ गई। फहीम ऋण लेने से पहले ही तीनों मकान बेच चुका था। कागजों में हेराफेरी कर बैनामे बंधक रखे थे।
रविवार को शाखा प्रबंधक आत्मप्रकाश ने तीनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकता दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक सुशील वर्मा ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में तीनों भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।