जिले में मॉडल गांव बनाने के लिए चयनित 26 ग्राम पंचायतों में से पांच में काम कराए जाने के लिए शासन ने धनराशि अवमुक्त कर दी है। दो करोड़ 80 लाख नवासी हजार रुपये से गांव में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत काम किया जाएगा। घरों से एकत्र कूड़े कचरे को गड्ढे खुदवाकर उनमें डाला जाएगा। इससे देसी खाद बनेगी। हैंडपंपों से निस्तारित और शौचालयों के नाली में बह रहे पानी को रोक कर सोखता में भेजा जाएगा।
पंचायत राज विभाग ने जनपद की 26 ग्राम पंचायतों का चयन मॉडल ग्राम पंचायत बनाने के लिए किया है। जिनमें से फिलहाल पांच ग्राम पंचायतों के खाते में शासन ने दो करोड़ 80 लाख नवासी हजार रुपये की धनराशि भेज दी है। जिससे गांव में विकास कार्य किए जाएंगे। शासन का मानना है कि गांवों में हैंड पंपों और घरों से निस्तारित पानी का उचित इंतजाम नहीं होने के कारण सड़कों पर जल भराव रहता है। लिहाजा सड़क जल्द टूट जाती हैं। लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए घरों के पानी को सड़क पर जाने से रोका जाएगा।
आमतौर पर गांवों में लोग शौचालय भी बनवा लेते हैं, मगर उसके पानी के लिए सीवर नहीं बनवाते। जिससे शौचालयों का पानी, गांव की नालियों में प्रवाहित होता रहता है। जिससे गांव में बीमारियां फैलती हैं। प्रत्येक शौचालय टैंक के पास गडढा बनाया जाएगा। शौचालय का पानी नाली से रोक कर सीवर में भेजा जाएगा। आमतौर पर कुछ लोग घरों के कूड़े कचरे को जहां तहां फेंक देते हैं। जिसके लिए सामुदायिक गडढे खुदवाए जाएंगे। कूड़े कचरे को गडढों में भर कर देसी खाद तैयार की जाएगी। इससे मॉडल गांवों में कूड़े कचरे का निस्तारण होने के साथ ही खेतों के लिए देसी खाद भी मिलेगी। जिससे पैदावार बढ़ेगी। घरों के बाथरूम व रसोईघर के पानी को साफ करने के लिए सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे। इसके लिए भी गड्ढे बनाए जाएंगे। सिल्ट कैचर से पानी साफ होकर नाली में जाएगा। गंदगी गड्ढे में भर जाएगी। जिसे बाद में साफ कर दिया जाएगा। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि शासन से पांच गांवों के लिए दो करोड़ 80 लाख नवासी हजार रुपये मिल गए हैं। पांचों गांवों में काम शुरू कर दिया गया है।
गांव में घरों से निस्तारित कूड़े कचरे को एक स्थान पर एकत्र किया जाएगा
सामुदायिक गड्ढे बना कर घरों के कूड़े कचरे को उनमें भरा जाएगा
सामुदायिक गड्ढों में डाले गए कूड़े कचरे से देसी खाद बनेगी
सड़क पर बह रहे पानी को रोक कर सोख पिट (गड्ढे) में भेजा जाएगा
ब्लैक वाटर (शौचालयों से निकलने वाला पानी ) का निस्तारण किया जाएगा
ग्रे वाटर (घरों के बाथरूम व रसोई का पानी) का निस्तारण किया जाएगा
सिल्ट कैचर लगाए जाएंगे। जिनसे साफ पानी बह जाएगा और गंदगी गड्ढे में चली जाएगी
गांवों में हरेक शौचालय टैंक के पास सोखता बनाया जाएगा
इन ग्राम पंचायतों को मिली धनराशि
डिडौली 55 लाख 75 हजार
अमरोहा देहात 77 लाख 65 हजार
चौधरपुर 37 लाख 31 हजार
ढक्का 71 लाख 82 हजार
ढ्यौटी 38 लाख 36 हजार