अमरोहा। अपहरण के बाद किशोरी के साथ दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 37 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद है, कई प्रयासों के बाद भी उसे जमानत नहीं मिली थी।
यह घटना मंडी धनौरा कस्बे में हुई थी। यहां पर व्यापारी का परिवार रहता है। 28 जनवरी 2022 दोपहर दो बजे व्यापारी की नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। अचानक वह गायब हो गई। इस मामले में व्यापारी की पत्नी ने बछरायूं थानाक्षेत्र के गढीया गांव निवासी विनीत, अजयपाल और रमेश के खिलाफ किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पूरा घटनाक्रम ही बदल गया। दरअसल सैदनगली थानाक्षेत्र के दमगड़ी निवासी कावेंद्र किशोरी को बहला फुसला कर ले गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कावेंद्र को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया।
बाद में पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपी कावेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की गई और पुलिस ने आरोपी कावेंद्र को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। तभी से वह जेल में बंद है। पुलिस ने आरोपी विनीत, अजयपाल और रमेश का नाम निकालकर आरोपी कावेंद्र के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिला राघव की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी कावेंद्र को दोषी करार दिया। साथ ही उसे 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 37 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।