गजरौला। रेल की पटरी पर बने गड्ढे दुरुस्त करने के लिए गजरौला में आरजीएम (रेल ग्रांडिंग मशीन) आएगी, जिसे खड़ी करने के लिए 300 मीटर रेलवे लाइन बनाई जाएगी। जिस पर रेलवे दो करोड़ रुपये खर्च करेगा। रेलवे लाइन भानपुर फाटक से स्टेशन की तरफ बनाई जाएगी। इसके लिए रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने पत्थर की गिट्टी मंगा ली हैं।
रेल की पटरियों पर जगह-जगह बन जाने वाले गड्ढों के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। इससे रेल की पटरियां कमजोर हो जाने के कारण हादसे का डर बना रहता है। कई बार गड्ढे अधिक बड़े हो जाने पर ट्रेन डिरेल का खतर बढ़ जाता है। गड्ढों को दुरुस्त करने के लिए रेलवे के रेलपथ विभाग को आरजीएम (रेल ग्रांडिंग मशीन) मिल रही है। 80 करोड़ कीमत की यह मशीन पटरियों पर बने गड्ढों को घिसने का काम करेगी। मशीन को खड़ी करने के लिए तीन सौ मीटर लंबी रेल लाइन बनाई जाएगी। यह भानपुर रेलवे फाटक से रेलवे स्टेशन की तरफ बनाई जाएगी। इस पर दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) महेंद्र सिंह का कहना है कि आरजीएम खड़ी करने के लिए तीन सौ मीटर लंबी रेलवे लाइन बनाई जाएगी। जिस पर दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लाइन के लिए पत्थर का काम चल रहा है। स्लेपर भी मंगा लिए गए हैं। जो भानपुर फाटक के निकट एकत्र कर दिए गए हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत बिछाए जा सकें।
रेलवे के मुरादाबाद मंडल में नहीं है कोई आरजीएम
रेल की पटरियों पर जो गड्ढे बन जाते हैं उनको घिसने या समतल करने के लिए रेलवे के मुरादाबाद मंडल में आरजीएम नहीं है। जिसके चलते श्रमिकों से ही कार्य कराना पड़ता है। श्रमिकों का कार्य गुणवत्ता पूर्वक नहीं होता। काम करने के बाद भी छोटे-मोटे गड्ढे रह जाते हैं। इस कारण रेलवे को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) महेंद्र सिंह का कहना है कि अभी तक रेलवे के मुरादाबाद मंडल में आरजीएम नहीं है। अंबाला में ही आरजीएम है। मंगाने की जरूरत कई बार पड़ी, लेकिन दूरी अधिक हाेने के कारण आ नहीं सकी। गजरौला को नई मशीन मिल जाने पर मुरादाबाद से गढ़मुक्तेश्वर तक पटरियों पर बन जाने वाले गड्ढे समतल करने का काम किया जाएगा।