गजरौला। एक युवक को व्यवसायिक वीजा के स्थान पर टूरिस्ट वीजा पर ओमान भेज एक लाख 80 हजार रुपये ठग लिए। टूरिस्ट वीजा पर काम करते पाए जाने पर तीन महीने 23 दिन की जेल काटी। जेल से छूटने के बाद रिश्तेदार की मदद से अपने वतन को वापस लौटा। पीड़ित की तहरीर और अदालत के आदेश पर पुलिस ने दिल्ली निवासी आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव नौसेना शेखुपुरा मिलक नवाब निवासी मोहम्मद फैजान ने न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। एफआईआर के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली निवासी अखलाक अहमद युवकों को विदेश में भेज कर नौकरी लगवाने का काम करता है। उन्होंने बहनोई मोहम्मद आरिफ के जरिए उससे नौकरी के लिए बात की। उसने ओमान में वेल्डिंग का काम करने के लिए भेजने की हामी भरी। 56 हजार रुपये प्रति महीने वेतन मिलने की बात कही। वीजा के लिए 1.80 लाख रुपये खर्च करने को कहा। जिस पर उन्होंने जनसेवा केंद्र से एक लाख रुपये अखलाक अहमद के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
80 हजार रुपये 28 अक्तूबर-22 को दिए। आरोप है कि उनको चालाकी से टूरिस्ट वीजा पर पांच जनवरी-23 को हवाई जहाज से ओमान भेज दिया गया। हवाई अड्डे पर उतरने पर एक टैक्सी आई। जिसका चालक एक अनजान मकान पर ले गया और कमरे में बंद कर दिया। उस मकान में पहले से ही 100 लड़के बंद थे। मकान मालिक ने उनका पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया। 23 अप्रैल को ईद के दिन नमाज पढ़ने के लिए लड़कों के साथ उनको बाहर निकाला। वह किसी तरह स्थानीय थाने में गए। पुलिस को घटना की तहरीर दी। मकान मालिक को ओमान की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मोहम्मद फैजान का पासपोर्ट वापस कराया, मगर उनके वीजा का समय निकल गया। जिसके चलते टूरिस्ट वीजा पर कार्य करते पाए जाने के आरोप में उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह तीन महीने 23 दिन ओमान जेल में रहे।
वह रिश्तेदार के माध्यम से एक लाख 66 हजार रुपये का जुर्माना भर कर व टिकट लेकर अपने वतन को वापस आए। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो न्यायालय की शरण में गए। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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