अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 17 महादानियों ने रक्तदान किया।
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन जोया रोड स्थित जिला अस्पताल ब्लड बैंक में हुआ। डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी आदित्य लांग्हे ने फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर की शुरुआत रक्तदाताओं के पंजीकरण और स्वास्थ्य की जांच के बाद रक्तदान की प्रक्रिया शुरू हुई।
इस मौके पर डीएम ने रक्तदान का महत्व बताते हुए महादानी की भूमिका में आए लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्तदान में वह शक्ति है, जो जीवन को बचा सकती है। यही वजह है कि रक्तदान को महादान माना जाता है। इसलिए ऐसा माहौल बनना चाहिए कि रक्तदाता के अभाव में किसी जरूरतमंद की जान न जा सके। खासकर महिलाओं के इलाज में रक्त की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। इस दौरान सीएमएस डॉ.प्रेमा पंथ त्रिपाठी, एमओ डॉ.चरन सिंह, डॉ.भार्गव, डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ.महनाज, लैब टेक्नीशियन मोहित कुमार, ललित नारायन, प्रीति चाहल, डीईओ अनुराग शर्मा, काउंसलर तनिका, सचिन शर्मा आदि मौजूद रहे।
इस शिविर में सलमान, लोकेंद्र सिंह, गब्बर सिंह, संजिव कुमार यादव, विनोद कुमार यादव, पंकज गर्ग, तुषार गुप्ता, डॉ.प्रमोद, कौशल, सचिन कुमार, ओमवीर सिंह, मोहम्मद कासिम, राजिव कुमार कौशिक, अमान कौशिक, अमित कुमार, मोहित चौधरी, राजीव सिंह आदि ने मिलकर रक्त दान किया।
डीएम बीके त्रिपाठी ने कहा कि सीएमएस और ब्लड बैंक प्रभारी से कहा कि गरीब तबके के लोगों के इलाज में कतई कोताही न बरती जाए। अगर किसी महिलाओं को रक्त की जरूर है और उनके पास डोनर नहीं है। ऐसी स्थिति में भी उन्हें ब्लड उपलब्ध कराया जाए। ब्लड की कमी के चलते किसी मरीज की जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों को आश्वस्त किया कि इसके लिए जहां उनकी जरूरत पड़े वह हमेशा तैयार हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में जोया निवासी कौशल कुमार गुप्ता ने 53वीं बार रक्तदान किया। डीएम बीके त्रिपाठी ने उनके जज्बे की प्रशंसा की। अन्य लोगों से भी प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस दौरान कौशल कुमार ने अपने सभी अंगदान करने की इच्छा जताई तो डीएम ने पत्र लिखकर देने के लिए कहा।