गर्मी में नगर के फीडर-2 को ओवरलोड से बचाने और 10 मोहल्लों की 50 हजार आबादी को निर्बाध आपूर्ति मुहैया कराने के लिए कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रोड़ा बना है। वह हाईवे के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज की लाइन खींचने के लिए एनओसी नहीं दे रहा है।
गजरौला क्षेत्र में 15712 घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए नगर को तीन फीडर में बांटा गया है। गजरौला के फीडर-1 में अतरपुरा, फाजलपुर, शुक्लपुरी, मायापुरी, प्रेमनगर, धुनपुरी, अवंतिका नगर, जलाल नगर शामिल हैं। इसमें बिजली विभाग के 5569 उपभोक्ता हैं। फीडर-2 में नाईपुरा, कालरा स्टेट, राधा टाउन, बसंत विहार, लक्ष्मी नगर, अल्लीपुर भूड़, सुल्तान नगर, भानपुर, शांति नगर और सैफी नगर शामिल हैं। इसमें 5352 उपभोक्ता हैं। फीडर-3 में टीचर कालोनी, बैंक कालोनी, आजाद नगर, बुध बाजार, शिवपुरी, गंगा नगर, जवाहर नगर की आबादी आती है। यह सबसे छोटा फीडर है। यहां पर 2647 बिजली के उपभोक्ता हैं। इनकी संख्या फीडर-1 के उपभोक्ताओं से आधी से भी 275 कम है।
फीडर-2 के उपभोक्ताओं से 58 कम हैं। फीडर-2 में फीडर-1 से उपभोक्ताओं की संख्या 217 कम है, लेकिन फीडर-2 का क्षेत्रफल सबसे बड़ा है। इसके चलते विभाग को बिजली आपूर्ति कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओवरलोड के चलते तार टूट जाने या फाल्ट हो जाने पर कर्मचारियों को समय अधिक लगता है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही फीडर-2 को दो भागों में बांटने की कवायद शुरू की गई।
फीडर को विभाजित करने के लिए बसंत विहार मोहल्ला स्थित 33/11 केवी के बिजलीघर से 11 हजार वोल्टेज की लाइन खींच दी गई। जिसे दिल्ली-लखनऊ हाईवे को पार कर अलग ट्रांसफार्मर से जोड़ना है। फीडर विभाजन के इस कार्य को एक साल बीत गया, लेकिन अभी पूरा नहीं हो सका है। बिजली विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाईवे के ऊपर से लाइन खींचे जाने के लिए प्राधिकरण ने एनओसी नहीं दी। जिसके चलते फीडर-2 को दो भागों में विभाजित करने की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है।
- फीडर-2 को दो भागों में विभाजित करने के लिए हाईवे के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज की लाइन निकाली जाएगी, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एनओसी प्रदान नहीं की। इस कारण फीडर विभाजन का काम पूरा नहीं हो रहा है। नीरज कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड गजरौला।