शैक्षिक सत्र शुरू होने के करीब पांच महीने बाद भी परिषदीय स्कूलों में बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी हैं। विद्यार्थी बिना किताबों के स्कूल आ रहे है। तमाम प्रयासों के बाद केवल सवा लाख किताबें कक्षा एक से 5 तक के आधे अधूरे कोर्स के साथ अमरोहा पहुंच गई हैं। जबकि जिले में 8 लाख किताबें आनी थी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी करीब 6.75 लाख किताबें आने के बाद बच्चों का कोर्स पूरा हो सकेगा। फिलहाल किताबों को जिला मुख्यालय से ब्लॉक स्तर पर भिजवा दिया गया है।
जनपद में 1266 परिषदीय विद्यालयों हैं। जिसमें 1 लाख 50 हजार विद्यार्थी हैं। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ था। एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हो गया था। तभी से छात्र-छात्राएं बिना किताबों पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अफसरों ने दावा किया था कि बच्चों को पुरानी किताबे उपलब्ध कराई गई है।
जबकि 80 फीसदी बच्चों को पुरानी किताबें नहीं मिल सकी थीं। विद्यालय खुले करीब पांच महीने बाद अब विभाग द्वारा कक्षा एक से लेकर पांच तक बच्चों की कुछ विषयों के आधी-अधूरी किताबें मिलने की बात कह रहा है।
बीएसए आफिस के बाबू प्रशांत कुमार ने बताया कि जिलेभर के परिषदीय स्कूलों के लिए करीब आठ लाख किताबें आनी हैं लेकिन देहरादून से 1.25 लाख किताबों की पहली खेप मिल गई है। अभी करीब 6.75 लाख किताबें आनी बाकी है। फिलहॉल जो किताबें मिली हैं वह कुछ विषयों की हैं। कहा जाए जो बाकी किताबें आने के बाद कोर्स पूरा हो सकेगा जो किताबें मिली हैं उन्हें ब्लाक स्तर पर भिजवा दिया गया है। जल्द ही स्कूलों में विद्यार्थियों को वितरण कराया जाएगा।