बाजारशुकुल। कस्बा निवासी मनीष पासी (22) की शनिवार देर शाम रामलीला मैदान स्थित सब्जी की दुकान पर करंट लगने से मौत हो गई। इसके बाद परिवार में मातम पसरा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मनीष के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि घटना के समय उनका बेटा दुकान पर सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान बेटा टिनशेड की पाइप में उतरे करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर किसी तरह उसे पाइप से अलग किया और सीएचसी पहुंचाया।
चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मनीष की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां तारावती बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। पिता ओमप्रकाश की आंखों से आंसू बह रहे थे। भाई आशीष, अंकेश और अनुराग भी गम में डूबे रहे। थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में करंट से प्रमुख हादसे
21 जुलाई 2026 : गौरीगंज के नेमधर पंडित का पुरवा गांव निवासी पुष्पा (26) की करंट से मौत।
20 जून 2026 : जगदीशपुर के हरपालपुर गांव में हीरालाल प्रजापति (50) व रामबोध यादव (58) की खेत में उतरे करंट से मौत।
8 जून 2026 : संग्रामपुर के पूरे मुरारपुर गांव निवासी अभयनंदन (22) की टंकी की सफाई के दौरान करंट से मौत।
6 अप्रैल 2026 : शिवरतनगंज के पूरे पांडेय गांव निवासी हरख बहादुर सिंह उर्फ बब्लू (40) की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत।
10 मार्च 2026 : गौरीगंज के राजापुर कौहार में निवासी विवेक सिंह (27) की बिजली बोर्ड ठीक करते समय मौत।
3 सितंबर 2025 : गौरीगंज के जलामा गांव निवासी रामदुलारे (50) की 11 हजार वोल्ट लाइन के तार की चपेट में आने से मौत।
27 सितंबर 2025 : मुंशीगंज के पश्चिम भीमी गांव निवासी संतोष प्रजापति (18) की झटका मशीन के करंट से मौत।
नियमित निगरानी से घट सकती हैं घटनाएं
ऊर्जा निगम के सेवानिवृत्त अभियंताओं के अनुसार जर्जर बिजली लाइनों का समय पर रखरखाव, ट्रांसफार्मर और पोल की अर्थिंग की नियमित जांच, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा ऑडिट तथा लीकेज मिलने पर तत्काल मरम्मत से करंट की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। वहीं लोगों को भी खुले तारों और करंट की आशंका वाले स्थानों से दूरी बनाकर तुरंत बिजली विभाग को सूचना देनी चाहिए।