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फांसी पर लटका मिला पांच दिन पूर्व गायब युवक

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02 : संग्रामपुर : गाजियापुर मजरे रामगढ़ में रोते बिखलते परिवारीजन। -संवाद - फोटो : AMETHI
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संग्रामपुर (अमेठी)। पांच दिनों से लापता युवक का शव शुक्रवार को अपने चाचा के बंद पड़े घर के एक कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजन गांव के ही एक व्यक्ति व उसके दो अन्य साथियों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की थी।
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संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गाजियापुर मजरे रामगढ़ निवासी इंद्रपाल वर्मा का पुत्र राहुल वर्मा (18) तीन अक्तूबर को दोपहर बाद संदिग्ध हालात में घर से लापता हो गया था। परिजनों ने आसपास व रिश्तेदारों के यहां दो दिनों तक उसकी खोजबीन की। राहुल का कहीं पता न चलने पर उसकी मां अमरावती ने संग्रामपुर थाने जाकर मामले की शिकायत की।
अमरावती का आरोप है जब थाने गई तो तहरीर पर केस दर्ज करने के बजाए मौजूद दरोगा ने यह कहते हुए भगा दिया था कि जाकर खोजो वह किसी लड़की को लेकर भाग गया होगा। केस दर्ज कर राहुल को खोजना तो दूर पुलिस घर जांच के लिए भी नहीं आई। शुक्रवार सुबह राहुल का शव परिवार के बंद पड़े एक मकान के कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो परिवारवालों का विरोध झेलना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद परिजन शव को पीएम के लिए भेजने को तैयार हुए।
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तीन पर हत्या का आरोप
मृतक के बाबा राम बहादुर ने बताया कि गांव के ही भारत की नातिन मेरे पोते से प्रेम करती थी। वह मेरे पोते से शादी करना चाहती थी। मेरा पोता बार-बार मना कर रहा था। उसके घर वाले बोल रहे थे कि शादी नहीं करोगे तो गोली मार देंगे। आखिर वही हुआ जिसका डर था। राम बहादुर ने भारत वर्मा व उनके दो रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। कहा कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर समय रहते कार्रवाई हुई होती तो मेरे पोते को बचाया जा सकता था।
शव पर तेजाब डालने का शक
मृतक के बाबा रामबहादुर वर्मा का आरोप है कि पीते के ऊपर तेजाब डालकर मारा गया है जिससे शव काफी खराब हो गया था। बताया कि शव पहचान में भी नहीं आ रहा था। शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया है। राम बहादुर ने कहा कि पुलिस ने पोते के मोबाइल की भी जांच नहीं की।
दुर्गापूजा देखने आया था गांव
राहुल अपने मामा बैजनाथ व चचेरे भाई रोहित, मोहित के साथ पंजाब में करीब चार साल से रह रहा है। घर की स्थिति ठीक न होने से कम उम्र में ही राहुल ने घर की जिम्मेदारी ले ली थी। घर के पास ही लगने वाली दुर्गापूजा में शामिल होने वह गांव आया था। मृतक का पिता मुंबई में अपने तीन भाइयों के साथ नौकरी करता है। मृतक अपने भाइयों बहनों में सब से बड़ा था। वहीं दूसरे नंबर पर बहन प्रियंका, भाई दीपक व सबसे छोटी बहन रिंका थी।
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