अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में पैथोलॉजी रिपोर्ट मैनुअल के साथ ऑनलाइन देने की व्यवस्था है। जागरूकता के अभाव में मरीज व तीमारदार पर्चे पर मोबाइल नंबर नहीं लिखते हैं, जिससे रिपोर्ट ऑनलाइन न मिलकर मैनुअल ही लेनी पड़ती है। ऐसे में मरीजों को रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है।
गौरीगंज के असैदापुर स्थित जिला अस्पताल की पैथोलॉजी अब हाईटेक हो गई है। मरीजों को पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट सीधे उनके मोबाइल नंबर पर भेजने की व्यवस्था है। सैंपल जमा करने के दौरान मरीजों को पैथोलॉजी के पर्चे पर अपना मोबाइल नंबर देने की जरूरत है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में औसतन प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की जांच की जाती है। मरीज व तीमारदार पर्चे पर मोबाइल नंबर नहीं देते हैं, इसके कारण लोगों को मैनुअल रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है।
व्यवस्था है कि पैथोलॉजी में जांच के लिए मरीजों को पंजीकरण के साथ अपना मोबाइल नंबर देना आवश्यक है। लैब टेक्नीशियन विनोद पांडेय ने बताया कि जांच मशीनों व कंप्यूटर को सर्वर से जोड़ा गया है। रिपोर्ट तैयार होते ही उसे सर्वर पर अपलोड कर दिया जाता है। इसके बाद एक खास सॉफ्टवेयर के जरिये जांच रिपोर्ट मरीज के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था है। इसके अलावा उसे पैथोलॉजी की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मरीज व उनके तीमारदार मोबाइल नंबर पैथोलॉजी में देकर अपने मोबाइल पर रिपोर्ट जल्द व सीधे प्राप्त कर सकते हैं।
मैनुअल और मोबाइल पर रिपोर्ट देने की व्यवस्था
जिला अस्पताल में मोबाइल पर रिपोर्ट देने की व्यवस्था है। जो मरीज मोबाइल नंबर नहीं देते हैं, उन्हें मैनुअल रिपोर्ट दी जा रही है। बताया कि पैथोलॉजी में पंजीकरण कराते समय मरीज व तीमारदार मोबाइल नंबर जरूर दें, जिससे उनके मोबाइल नंबर पर जांच रिपोर्ट आसानी से भेजी जा सके।
- डॉ. बद्रीप्रसाद अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल