अमेठी सिटी। वन विभाग पर्यावरण संरक्षण में आधी आबादी की बड़ी भागीदारी तय करने की कवायद में जुटा है। वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत शक्ति वन की स्थापना की जाएगी। शक्ति वन के लिए निर्धारित तीन हेक्टेयर भूमि पर महिलाएं साढ़े सात हजार पौधों का रोपण करेंगी। पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले ट्री-गार्ड पर उसे रोपित करने वाली महिला का नाम दर्ज होगा।
प्रदेश के साथ ही जिले को हरा-भरा बनाने व पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 20 जुलाई को वन महोत्सव कार्यक्रम होगा। पौधरोपण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मिशन शक्ति के तहत शक्ति वन की स्थापना होगी। भेटुआ विकासखंड के सहरी ग्राम पंचायत में तीन हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसी भूमि पर वन महोत्सव के दौरान महिलाएं साढ़े सात हजार पौधे रोपित करेंगी।
पौधरोपण के बाद वन विभाग इन पौधों की सुरक्षा के इंतजाम करेगा। पौधों की सुरक्षा के लिए चारों तरफ खाई बनाने के साथ ही तार लगाकर बैरिकेडिंग की जाएगी। पौधों की देखरेख व सिंचाई की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। शक्ति वन से जहां पौधरोपण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण के प्रति वे जागरूक होंगी।
इनसेट नीम के साथ फलदार पौधों का होगा रोपण
भेटुआ ब्लॉक के सहरी ग्राम पंचायत में शक्ति वन में प्रमुख रूप से पार्वती स्वरूप कदंब, दुर्गा स्वरूप नीम व सरस्वती स्वरूप आम के पौधे लगाए जाएंगे। तीन हेक्टेयर सुरक्षित भूमि में आंवला के 800, अमरूद, जामुन व बकैन के 400-400, शीशम व कंजी के 500-500, कदंब, नीम, आम व महुआ के 50-50, सहजन के 100 व फाईकस व अन्य प्रजाति के साढ़े सात हजार पौधे रोपित किए जाएंगे।
वर्जन
शक्ति वन की तैयारियां जारी
प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि पौधरोपण को धर्म से जोड़ते हुए महिलाओं को पर्यावरण के प्रति सचेत किया जाएगा। शक्ति वन की तैयारियां की जा रही हैं। लोगों को प्रत्येक शुभ अवसर पर पौधरोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा।