फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना ओटीपी क्रय केंद्र पर धान नहीं बेच सकेंगे किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। धान खरीद केंद्रों पर फसल बिक्री में किसानों की सहूलियत के लिए आधार बेस क्रय व भुगतान प्रक्रिया प्रभावी रहेगी। प्रक्रिया के तहत पंजीकृत किसानों का क्रय केंद्र पर प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन में अंगूठा लगाने के बाद आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगी। ओटीपी को मशीन में दर्ज करने के बाद खरीद प्रक्रिया पूरी करते हुए केंद्र प्रभारी भुगतान करेगा। इससे खरीद से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था पारदर्शी रहेगी।
विज्ञापन

फसल समर्थन योजना के तहत एक नवंबर से खरीद शुरू होगी। जिले में 1,15,270 हेक्टयर क्षेत्र में धान रोपित होने तथा 3,82,696 एमटी धान उत्पादन संभावित है। जिले में खरीफ सीजन में ज्यादातर किसानों की ओर से सिर्फ धान का उत्पादन करने की संभावना को देखते हुए विपणन विभाग खरीद की तैयारी में जुटा है।
शासन ने सामान्य प्रजाति के धान का मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंटल तो ग्रेड धान 2060 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की है। किसानों से प्रति हेक्टेयर 33.20 क्विंटल धान ही खरीदा जाएगा। फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत कीमत निर्धारित करने के बाद जिले में पांच एजेंसी के 70 क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से पंजीकृत किसानों से टोकन सिस्टम पर धान खरीद शुरू होगी। क्रय केंद्रों पर धान खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए आधार बेस क्रय व भुगतान व्यवस्था प्रभावी की गई है।
विज्ञापन

क्रय केंद्रों पर पंजीकृत किसान टोकन सिस्टम से निर्धारित तिथि पर फसल लेकर पहुंचेंगे। जहां क्रय केंद्र प्रभारियों की ओर प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन पर किसान का अंगूठा लगवाया गया। जिसके बाद स्वत: प्रमाणीकरण के लिए किसान के आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी मैसेज से जाएगी। किसानों की ओर से ओटीपी बताने पर केंद्र प्रभारी मशीन में दर्ज करेगा तो उसकी ओर उत्पादित धान की मात्रा के साथ बैंक डिटेल का सत्यापन होगा।
डिटेल सत्यापित होने के बाद केंद्र प्रभारी तौल कराते हुए 72 घंटे के अंदर भुगतान करेगा। विभाग ने किसानों से अपना आधार कार्ड मोबाइल से लिंक कराने के साथ ही पंजीकरण कराने की अपील करते हुए किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर कार्यालय से संपर्क करने को कहा है।
तहसीलवार केंद्रों की संख्या
नोडल एजेंसी विपणन शाखा के आंकड़ों के अनुसार जिला प्रशासन की ओर से विपणन शाखा के 25, पीसीएफ के 17, यूपीएसएस के छह, पीसीयू के 21 व एफसीआई के एक क्रय को मंजूरी दी गई है। इनमें गौरीगंज तहसील क्षेत्र में 15, अमेठी में 10, मुसाफिरखाना में 25 तथा तिलोई क्षेत्र में 20 क्रय केंद्र शामिल हैं। सभी क्रय केंद्रों पर पंजीकरण के बाद टोकन सिस्टम से एक नवंबर से 28 फरवरी तक धान खरीद होगी।
तीन चरणों में होता है सत्यापन
धान बिक्री के पंजीकरण के बाद तीन स्तर पर सत्यापन होता है। पहले स्तर पर खतौनी व आधार कार्ड में किसान के नाम का तो दूसरे चरण में अंकित बोआई के रकबे का सत्यापन किया जाता है। तीसरे चरण में भुगतान के लिए पीएफएमएस पोर्टल पर आधार कार्ड व नाम के साथ बैंक खाते का सत्यापन किया जाता है। तीनों चरण में सत्यापन होने के बाद प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन से ओटीपी दर्ज कर खरीद होगी।
5055 किसानों का हुआ पंजीयन
खरीफ सीजन में निर्धारित क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए बुधवार तक 5055 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकृत किसानों में तिलोई तहसील में 2471 के 1464 किसानों का सत्यापन हो चुका है। इसी तरह मुसाफिरखाना में 346 किसानों में 243 का सत्यापन हो चुका है तो गौरीगंज में 1547 में 1222 किसान का डेटा सत्यापित हो चुका है। अमेठी में पंजीकृत 673 किसानों में 475 का ही डेटा अभी सत्यापित हो चुका है। सभी तहसीलों में पंजीकरण करा चुके अन्य किसानों को डेटा विभिन्न स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया है।
पारदर्शी तरीके से होगी धान खरीद
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि फसल समर्थन मूल्य योजना को पारदर्शी ढंग से लागू कराया जाएगा। क्रय केंद्रों पर आधार बेस क्रय व भुगतान प्रक्रिया के माध्यम से किसानों से धान खरीद की जाएगी। योजना से किसानों को परेशानी न हो इसके लिए सारे प्रबंध करते हुए एक नवंबर से खरीद शुरू करने का निर्देश दिया गया है। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए टोकन सिस्टम से सुविधाओं के बीच खरीद व समय से भुगतान किया जाएगा। खरीद प्रक्रिया की नियमित निगरानी करते हुए किसानों को परेशान करने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें