तिलोई। मंडलायुक्त राजेश कुमार के निरीक्षण ने तिलोई तहसील में अभिलेखों के रख-रखाव की पोल खोल दी। बुधवार को अभिलेखागार में पहुंचते ही उन्होंने सैंबसी गांव का बस्ता खुलवाया और वर्ष 1392 से 1395 फसली तक का खेवट मांगा। इस पर तहसीलदार और उपजिलाधिकारी बगले झांकने लगे, वहीं सब रजिस्ट्रार हरिहर यादव के माथे से पसीना टपकने लगा।
काफी मशक्कत के बाद भी तहसील प्रशासन मंडलायुक्त को खेवट उपलब्ध नहीं करा पाया। बाद में अभिलेखों के रख-रखाव में लगे एक प्राइवेट मुंशी को मदद के लिए बुलाना पड़ा, वह भी खेवट नहीं दिखा पाया। अभिलेखागार में प्रकाश की समुचित व्यवस्था न होने से पत्रावलियों को पढ़ना भी मुश्किल हो रहा था, जिस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। तहसीलदार न्यायालय में उन्होंने सामान्य पत्रावलियों को दिखाने के लिए कहा और उनके रख-रखाव व समयबद्ध निस्तारण का निर्देश दिया।
पूरे हाजी मजरे तेंदुवा निवासी मो. जमा ने बताया कि 15 साल बीत जाने के बाद भी आवंटित भूमि का अभिलेखों में अंकन नहीं हो सका है। उनकी पीड़ा सुनकर मंडलायुक्त ने स्टेनो से बुजुर्ग का मोबाइल नंबर नोट कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, पूरे पहलवान की मैमूल निशा ने रास्ता अवरुद्ध होने की समस्या बताई।
वकीलों ने मंडलायुक्त से की भ्रष्टाचार की शिकायत
तिलोई। वकीलों ने मंडलायुक्त का वाहन रोक तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर किया। तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दलजीत सिंह व विजय शंकर शुक्ला समेत दर्जनों अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि 80 फीसदी से अधिक किसानों की खतौनियों में अंश का निर्धारण गलत किया गया है, जिससे किसान परेशान हैं। कहा कि अंश सही कराने के नाम पर लेखपाल और उनके मुंशी किसानों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। वाज दायरा प्रार्थना पत्र वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लेखपाल व कानून गो अवैध रूप से मुंशी रखकर किसानों से वसूली करवा रहे हैं। मंडलायुक्त ने वकीलों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर अख्तर हुसैन, विनोद यादव, श्याम मोती यादव, आशुतोष तिवारी, अश्वनी श्रीवास्तव, मनोज कुमार तिवारी, मोहम्मद इकबाल खान सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।
व्यवस्थाओं में सुधार का दिया निर्देश
अमेठी सिटी। मंडलायुक्त राजेश कुमार ने कलेक्ट्रेट में नजारत, वेतन लिपिक, राजस्व सहायक और ई-गवर्नेंस सेल जैसे विभिन्न कार्यालयों में अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों के निस्तारण और जनसुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अपर आयुक्त अजय कुमार सैनी, डीएम संजय चौहान, प्रभारी सीडीओ वीर भानु सिंह, एडीएम न्यायिक अनिल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।